MCX gold silver rate – सोना और चांदी के दामों में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली है। एक ओर जहां चांदी के दाम में 21,878 रुपए की गिरावट आई, वहीं दूसरी ओर सोना 7 हजार से ज्यादा सस्ता हो गया। ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है कि इसके पीछे कारण क्या हैं-
भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ समय से जारी सोने और चांदी की तेज़ी पर अब ब्रेक लगता नजर आ रहा है। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर आज गोल्ड और सिल्वर में जोरदार कमजोरी (Strong weakness in gold and silver) देखने को मिल रही है। सुबह 9:10 बजे MCX गोल्ड 10 ग्राम का भाव 7,612 रुपये यानी 4.49 फीसदी गिरकर 1,61,791 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
वहीं MCX सिल्वर भी दबाव में नजर आई। 1 किलो चांदी 21,878 रुपये यानी 5.47 फीसदी की गिरावट के साथ 3,78,015 रुपये पर खुली। वैश्विक बाजारों (global markets) से मिले नकारात्मक संकेतों और निवेशकों की मुनाफावसूली का असर कीमती धातुओं पर साफ दिखा, जिसके चलते कारोबार की शुरुआत में तेज बिकवाली देखने को मिली।
घरेलू बाजार में सोने के ताजा भाव-
घरेलू बाजार (Domestic Market) की बात करें तो आज सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोना अब 1,75,340 रुपये के स्तर पर आ गया है। हाल ही में सोने ने अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़े थे, लेकिन मौजूदा गिरावट ने बाजार का रुख बदल दिया है। विशेषज्ञ इसे तेज बढ़त के बाद आया स्वाभाविक सुधार मान रहे हैं, जो निवेशकों और खरीदारों के लिए खरीदारी का मौका बन सकता है।
चांदी के भाव में जोरदार गिरावट-
सोने के साथ-साथ चांदी की चमक (silver price fall) भी आज फीकी पड़ती नजर आई। चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिसे निवेशकों के लिए अहम संकेत माना जा रहा है। आईबीजेए (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 1 किलो चांदी का भाव घटकर 3,79,988 रुपये रह गया है। बाजार विशेषज्ञ इसे मुनाफावसूली का असर बता रहे हैं। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्तर खरीदारी का मौका साबित हो सकता है।
जानें इंटरनेशनल मार्केट में क्या है हाल-
इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतें (Gold and silver prices international market) फिलहाल अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 3 फीसदी नीचे बनी हुई हैं। गुरुवार को दोनों कीमती धातुओं ने अब तक का सर्वोच्च स्तर छुआ था, लेकिन इसके बाद मुनाफावसूली के दबाव में तेज गिरावट देखने को मिली। हालांकि, आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता (Economic and geopolitical uncertainty) बरकरार रहने के चलते सोना-चांदी 1980 के दशक के बाद अपने सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं।
शुक्रवार को एशियाई कारोबार में स्पॉट गोल्ड (Spot gold in Asian trade) 5,400 डॉलर के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। गुरुवार को सोना 5,594.82 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा था, लेकिन बाद में 5.7% से ज्यादा गिरकर सत्र के अंत में मामूली कमजोरी के साथ बंद हुआ। वहीं, चांदी की कीमतों (silver price today) में भी सुधार देखने को मिला और यह शुक्रवार को 115 डॉलर पर कारोबार कर रही है। गुरुवार को चांदी ने 121.64 डॉलर का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, जिसके बाद इसमें करीब 2% की गिरावट आई थी।
जानें कारण-
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के के अनुसार, सोने और चांदी की तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। इसमें प्रमुख सहयोगियों के साथ टैरिफ तनाव, वेनेजुएला और ईरान से जुड़े जोखिम, और ग्रीनलैंड से जुड़ी रणनीतिक चिंताएं शामिल हैं। इसके अलावा, अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप (Government work halted in America) होने की बढ़ती संभावना ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग को बढ़ा दिया है। वैश्विक आर्थिक विकास में सुस्ती, अमेरिका के ऊंचे कर्ज और डॉलर की संरचनात्मक कमजोरी ने भी निवेशकों को सोने-चांदी की ओर आकर्षित किया है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve, the US central bank) ने बुधवार को ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। अब निवेशकों की नजर राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के उत्तराधिकारी के ऐलान पर टिकी है, क्योंकि पॉवेल का कार्यकाल मई में खत्म हो रहा है। बाजार को उम्मीद है कि जून में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में कीमतों में मामूली गिरावट पर भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहती है, जिससे बाजार का रुख अभी पूरी तरह तेजी की ओर है।
