MP के किसानों के लिए यह मशीन वरदान बन रही है। जुताई, बुवाई और बीजों को ढकने का काम यह एक साथ कर देती है। पराली जलाने की समस्या भी खत्म हो गई है, बल्कि मिट्टी और अधिक उपजाऊ हो रही है।
गेहूं की बुवाई के लिए कौन-सी मशीन का इस्तेमाल करें?
इस समय गेहूं की बुवाई का मौसम चल रहा है। जिन क्षेत्रों में धान की कटाई हो चुकी है, वहां किसान गेहूं की बुवाई कर रहे हैं। लेकिन इससे पहले एक चुनौती होती है, फसल अवशेष का क्या करें,क्योंकि सरकार ने फसल अवशेष,पराली जलाने पर रोक लगा दी है। इसका कारण यह है कि फसल जलाने से पर्यावरण में प्रदूषण फैलता है और मिट्टी की गुणवत्ता खराब होती है। इसलिए किसानों को पराली नहीं जलानी चाहिए।
इसी वजह से मध्य प्रदेश के कई किसान गेहूं की बुवाई के लिए सुपर सीडर मशीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पराली जलाने या खेत साफ करने की जरूरत नहीं पड़ती, न ही खेत की अलग से तैयारी करनी होती है। एक साथ तीन काम यह मशीन कर सकती है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई विकासखंड के गांव लेहदा में किसान वासुदेव छोटे और विकास भोपते सुपर सीडर मशीन से गेहूं की खेती कर रहे हैं। तो आइए जानते हैं कि इस मशीन से खेती करने के क्या-क्या फायदे हैं और इस पर सब्सिडी कैसे मिलेगी।
सुपर सीडर मशीन से गेहूं की बुवाई करने के फायदे
किसान भाई अगर सुपर सीडर मशीन से गेहूं की बुवाई करते हैं, तो एक ही बार में खेत की जुताई, बीज की बुवाई और बीज को ढकने का काम हो जाता है। इससे तीन काम एक साथ पूरे होते हैं और पराली जलाने की समस्या भी खत्म हो जाती है। साथ ही मजदूरी की जरूरत कम पड़ती है, मिट्टी उपजाऊ बनती है, मिट्टी में नमी संरक्षण बढ़ता है और सिंचाई के लिए पानी भी कम लगता है।
बताया जाता है कि सुपर सीडर मशीन से गेहूं की बुवाई करने पर यह मशीन फसल के अवशेषों को बारीक काटकर मिट्टी में मिला देती है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और किसानों को पिछले वर्ष की तुलना में अधिक उत्पादन मिलता है।
