Railway Line : मध्यप्रदेश में लगातार नई नई रेलवे लाइन को बिछाया जा रहा है। इस रेलवे लाइन (New Railway Line) के बिछले की वजह से आम लोगों को काफी लाभ होने वाला है। बता दें कि ये नई रेल लाइन 264 किमी लंबी रहने वाली है। इसके निर्माण में 4,329 करोड़ रुपये की लागत आने वाली है।
एमपी में अब एक और नई रेलवे लाइन बिछाने की तैयारी हो रही है। ये नई रेल लाइन 264 किलोमीटर लंबी रहने वाली है। इसमें आने वाली लागत (New Railway Line) के बारे में बात करें तो ये 4,329 करोड़ रुपये है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, आइए जानते हैं इस बारे में।
चौथी रेल लाइन का होगा निर्माण-
इटारसी-भोपाल-बीना सेक्शन में चौथी रेल लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। ये परियोजना (Railway Project) लगभग 237 किलोमीटर लंबी रहने वाली है। इसे अगले चार सालों में पूरा किये जाने की उम्मीद है। इसकी कुल लागत 4,329 करोड़ रुपये रहने वाली है।
यहां पर बनेगा कॉरिडोर-
यह रेल मार्ग उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर है, इस पर फिलहाल यात्रियों और मालगाड़ियों का भारी दबाव बन रहा है। इस नई लाइन (New Rail Line Project) के निर्माण से ट्रेनों की आवाजाही सुगम होने वाली है। इसके अलावा समय की बचत भी होने वाली है। मालगाड़ियों की क्षमता में भी वृद्धि होने की संभावना है।
अधिकारियों ने दी जानकारी-
अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इसका निर्माण होने की वजह से प हर साल 15.2 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई (Railway Project) की क्षमता बढ़ने वाली है। इससे कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में 32 करोड़ किग्रा प्रति वर्ष की कमी आने वाली है। जोकि लगभग 1.3 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर रहने वाली है। इस लाइन (New Rail Line) से लगभग 6.4 करोड़ लीटर डीजल हर साल तक बचने वाला है। इन उपायों से लाजिस्टिक लागत में 719 करोड़ रुपये प्रति वर्ष की बचत होने वाली है।
इन जिलो से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे-
ये परियोजना मध्य प्रदेश के यात्रियों और व्यापारियों दोनों को लाभ पहुंचाने वाली है। ये रेललाइन रायसेन, सागर, विदिशा, भोपाल, सीहोर और नरसिंहपुर (नर्मदापुरम) जिलों (Uttar Pardesh News) से होकर गुजरने वाली है। विदिशा जिला इस परियोजना के तहत एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट के रूप में शामिल की गई है।
रेल याताया तमें आएगा सुधार-
बता दें कि ये परियोजना मुख्य रेलमार्ग पर क्षमता संबंधी बाधाओं को दूर करने वाली है और उत्तर-दक्षिण रेल यातायात को सुचारू बनाने वाली है। दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच यात्रियों की आवाजाही आसान होने वाली है।
थर्मल पावर प्लांट का होगा निर्माण-
क्षेत्र के थर्मल पावर प्लांट, स्टील प्लांट, कोयला खदानें और लाजिस्टिक्स हब बेहतर कनेक्टिविटी को प्राप्त करने वाला है। यह रेल लाइन (train line) सांची, भीमबेटका, उदयगिरि गुफाएं, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और पचमढ़ी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा प्रदान करने वाली है।
ये है चौथी लाइन परियोजना-
इस रूट की लंबाई 237 किमी होने वाली है।
वहीं कुल ट्रैक (MP New Railway Track) की लंबाई 264 किलोमीटर रहेगी।
इस परियोजना के लिए आने वाली कुल लागत 4,329 करोड़ रुपये है।
परियोजना के पूरा होने में 4 वर्ष का समय लगने वाला है।
इस परियोजना (New Railway Track) के तहत 4 महत्वपूर्ण पुल, 39 बड़े, 151 छोटे पुल, 9 सुरंगें, 43 रेलवे ओवर ब्रिज और 39 रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण होने वाला है।
