New Noida : देशभर में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब यहां पर 80 गांव की जमीन का अधिग्रहण करके एक नया शहर बसाया जाने वाला है। इसके लिए 20,911.29 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इसकी वजह से आम लोगों को काफी लाभ हो रहा है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।
एनसीआर में अब एक नया शहर बसाया जाने वाला है। इसके लिए 80 गांव की भूमि का अधिग्रहण होने वाला है। इसके लिए कुल 20,911.29 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रदेश की प्रगति को एक नई रफ्तार मिलने वाली है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से एनसीआर के इस नए शहर के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
भूमि अधिग्रहण के पूरा होते ही तैयार होगा लेआउट-
NCR में 80 गांवों को मिलाकर एक नये शहर को बसाने की तैयारी की जा रही है। नोएडा से सटे इस शहर को ‘नया नोएडा’ नाम दिया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण को सौंपी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मुआवजे की दरें तय करने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण पर चली गई है। भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) के पूरा होते ही लेआउट प्लान तैयार किया जाने वाला है।
‘नया नोएडा’ (new noida) एनसीआर के शहर बुलंदशहर और दादरी क्षेत्र के 80 गांवों की जमीन पर विकसित किया जाने वाला है। पिछले साल अक्टूबर में शासन ने इस परियोजना के लिए मास्टर प्लान-2041 को मंजूरी प्रदान कर दी थी। दस्तावेजों में इसे दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन (DNGIR) का नाम दिया जा रहा है।
इतने क्षेत्र में फैला होगा शहर-
ये नया शहर (New City Latest News) 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला रहेगा। जोकि लगभग 20,911.29 हेक्टेयर जमीन पर विकसित किया जाने वाला है। अधिग्रहण के लिए जिन 80 गांवों की जमीन चिन्हित की गई है। उन्हें पहले ही नोटिफाई किया जा चुका है। इस मास्टर प्लान को चार चरणों में लागू किया जाने वाला है। इसका खाका दिल्ली स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) ने तैयार किया है। ‘New Noida’ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास का प्रमुख इंजन बनने की दिशा में एक बड़ा कदम बनकर सामने आने वाला है।
मास्टर प्लान को मिलेगा अंतिम रूप-
सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया है कि प्राधिकरण ने ‘नया नोएडा’ (New Noida Update) बसाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मास्टर प्लान-2041 को अंतिम रूप प्रदान कर दिया है। ये मास्टर प्लान प्राधिकरण की 210वीं बोर्ड बैठक में पेश किया जा रहा था। सितंबर 2023 में इस पर सार्वजनिक आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। इसके बाद 12 जनवरी 2024 को इसे शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, अब इस योजना को चार चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में साल 2027 तक 3165 हेक्टेयर भूमि का विकास किया जाने वाला है। इसके बाद दूसरे चरण में 2027 से 2032 के बीच 3798 हेक्टेयर, तीसरे चरण में 2032 से 2037 तक 5908 हेक्टेयर और अंतिम चरण में 2037 से 2041 तक 8230 हेक्टेयर भूमि विकसित की जाने वाली है।
बहुस्तरीय अधिग्रहण नीति के तहत होगा विकास-
नए शहर (New cities developed in NCR) के विकास के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अलग-अलग मॉडल पर आधारित रहने वाला है। अधिकतर भूमि का अधिग्रहण धारा-4 और धारा-6 के तहत जिला प्रशासन के माध्यम से होने वाला है। इसके साथ ही में कुछ स्थानों पर किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन ली जाने वाली है।
नोएडा प्राधिकरण ये भी विचार कर रहा है कि नया शहर (New cities) बसाने में गुरुग्राम मॉडल अपनाया जाने वाला है। इसमें डेवलपर्स को सीधा लाइसेंस देकर भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) की अनुमति प्रदान कर दी गई थी। इस मॉडल के तहत बाहरी विकास नोएडा प्राधिकरण द्वारा और आंतरिक विकास डेवलपर्स द्वारा किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि फिलहाल प्राथमिकता किसानों की सहमति से ही जमीन लेने की है।
इतने करोड़ रुपये के बजट को मिली मंजूरी-
नए नोएडा (New Noida) के लिए भूमि अधिग्रहण और बुनियादी ढांचे के आंतरिक विकास हेतु नोएडा प्राधिकरण ने 1000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया गया है। इस राशि का यूज भूमि अधिग्रहण के दौरान किया जाने वाला है। बजट को हाल ही में हुई प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में मंजूरी प्रदान कर दी गई है। गौरतलब है कि 29 अगस्त 2017 को शासन ने ‘दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन’ (DNGIR) के रूप में एक विशेष निवेश क्षेत्र अधिसूचित किया था। शुरुआत में इसे उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPCiDA) को सौंपा गया था, हालांकि 29 जनवरी 2021 को इसे नोएडा प्राधिकरण को स्थानांतरित कर दिया गया है।
चरणबद्ध तरीके से होगा विकास-
पूरे शहर को एक साथ बसाने की बजाय, इसे चार अलग-अलग जोन में बांटकर चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाने वाला है। मास्टर प्लान को दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) द्वारा तैयार किया जा रहा है। जोकि शिकागो और यूरोपीय शहरों की तर्ज पर आधारित रहने वाला है। नया नोएडा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और शहरी विकास के लिए एक नया मील का पत्थर बनकर सामने आने वाला है।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने दी जानकारी-
नोएडा प्राधिकरण के CO ने जानकारी देते हुए बताया है कि नए नोएडा के लिए जमीन अधिग्रहण करने का काम अगले महीने मई से शुरू कर दिया जाने वाला है। इसे देश के सबसे अच्छे शहरों में से एक बनाएंगे। उन्होंने बताया है कि इसके प्रथम चरण में 3165 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य साल 2027 तक पूरा किया जा रहा है। हालांकि दूसरे चरण में साल 2032 तक 3798 हेक्टेयर भूमि का विकास कार्य पूरा किया जाने वाला है। तीसरे चरण में साल 2037 तक 5908 हेक्टेयर भूमि के विकास के साथ चौथे और अंतिम चरण में साल 2041 तक 8230 हेक्टेयर भूमि का विकास करने का लक्ष्य रखा जा रहा है।
