New Expressway – हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि इस नए एक्सप्रेस-वे के लिए रूट को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस नई परियोजना के तहत 68 गांव सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। एक्सप्रेस-वे बनने से क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर होगा और आवागमन आसान होने के साथ-साथ विकास को भी नई गति मिलेगी-
गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे को लेकर नया अपडेट सामने आया है। इस एक्सप्रेस-वे को धरातल पर उतारने की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिन गांवों से गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे (Gorakhpur-Shamli Green Field Link Expressway) गुजरने वाला है, वहां जमीन के भाव तेजी से बढ़ने लगे हैं।
बरेली में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू-
गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए बरेली जिले में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह एक्सप्रेस-वे नवाबगंज और बहेड़ी तहसील के कुल 68 गांवों से होकर गुजरेगा। गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण प्रस्ताव को कुशीनगर (kushinagar) तक विस्तार की मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
NHAI ने शुरू की 3A प्रक्रिया, 68 गांव शामिल-
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने थ्री-ए (3A) प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसका मकसद पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सड़क संपर्क को मजबूत करना है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राजस्व विभाग को भू-परिवर्तन (Land Conversion to Revenue Department) के मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। बरेली में नवाबगंज के 17 गांव एनएचएआई बरेली के दायरे में हैं, जबकि शेष 51 गांवों में निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई मुरादाबाद को सौंपी गई है।
बेहतर होगा सड़क मार्ग-
पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Purvanchal to Western Uttar Pradesh) तक भले ही कई सीधी ट्रेनें उपलब्ध हों, लेकिन सड़क मार्ग से सफर अब भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसी समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में सरकार ने ठोस कदम उठाते हुए जरूरी योजनाओं पर काम तेज कर दिया है।
तेजी से हो रहा बरेली-मथुरा हाईवे का चौड़ीकरण-
अगर बरेली जिले की बात करें, तो उत्तराखंड से सीधा जुड़ाव मजबूत करने के लिए बरेली-सितारगंज हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। इसमें बरेली-पीलीभीत पैकेज का करीब 50 फीसदी और पीलीभीत-सितारगंज पैकेज (Pilibhit-Sitarganj package) का लगभग 30 फीसदी काम पूरा हो चुका है। वहीं, मथुरा और आगरा तक का सफर आसान बनाने के लिए बरेली-मथुरा हाईवे के चौड़ीकरण का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
दूर होगी जिले में एक्सप्रेसवे की कमी-
इस हाईवे के जरिए बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) से सीधा जुड़ाव बनेगा, जबकि मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी हो जाएगी। गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे के बन जाने से जिले में एक्सप्रेसवे की कमी दूर हो जाएगी। इस परियोजना में नवाबगंज के 34 और बहेड़ी के 34 गांव शामिल हैं, जहां भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू (Land acquisition process begins) की जा चुकी है।
NHAI करेगा निर्माण-
गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे से प्रभावित गांवों में राजस्व विभाग को भू-परिवर्तन के मामलों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंपी गई है।
एनएचएआई देगा किसानों को मुआवजा-
कार्य आवंटन के तहत जिले के 17 गांवों में निर्माण का काम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, बरेली कराएगा, जबकि शेष 51 गांवों में निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई मुरादाबाद को दी गई है। किसानों को मुआवजे की राशि एनएचएआई उपलब्ध कराएगा, जबकि प्रशासन इसके वितरण और भूमि पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया पूरी करेगा।
गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण (Construction of Gorakhpur-Shamli Green Field Link Expressway) के लिए चयनित किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) बरेली को जिले के 17 गांवों में निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि अन्य गांवों में निर्माण कार्य एनएचएआई मुरादाबाद कराएगा। परियोजना निदेशक नवरत्न के अनुसार, यह एक बड़ी परियोजना है और भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।
