New Expressways : प्रदेश में नए एक्सप्रेसवेज को लगातार गति दी जा रही है। नए नए प्रोजेक्टस पर काम चल रहा है। ऐसे में प्रदेश में सफर आसान और तेज होने के साथ-साथ रोजगार को भी बल मिलेगा। चलिए जानते हैं नए एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्टस के बारे में-
प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के तालमेल से प्रदेश में सड़क यातायात को लगातार मजबूत किया जा रहा है। अब 15 नए एक्सप्रेसवे और लिंक एक्सप्रेस वे प्रदेश के विकास को और ज्यादा गति देंगे। सरकार की ओर से जिस प्रकार से सड़कों के ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, उससे यातायात तो आसान होगा ही साथ में प्रदेश में निवेश आने व रोजगार के अवसर खुलने के भी चांस बढ़ेंगे।
देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य
योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश (UP News) में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस वे वाला राज्य बन गया है। यहां पर जल्द ही तीन बड़े एक्सप्रेसवे खुलने जा रहे हैं। वहीं दर्जन भर लिंक एक्सप्रेस वे भी बनाए जाएंगे, जिससे लोगों को सफर करने में आसानी रहेगी।
कुछ महीने में काम हो जाएगा पूरा
उत्तर प्रदेश में फिलहाल 7 एक्सप्रेस वे (UP Expressway Network) संचालित है। वहीं 22 एक्सप्रेसवे का ग्रीड तैयार हो चुका है। जल्द ही गंगा एक्सप्रेस वे, लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे और गाजीपुर बलिया एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया जाएगा। इसके अलावा भी प्रदेश में कई लिंक एक्सप्रेस वे बनाए जाएंगे। साथ में पानीपत से गोरखपुर तक भी एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है। इसके अलावा गोरखपुर से सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे जैसा बड़ा प्रोजेक्ट भी चल रहा है। यह एक्सप्रेसवे बनने से केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार तक के लोगों को फायदा होगा।
96% हुआ इस एक्सप्रेसवे का काम
उत्तर प्रदेश के लोगों को जल्द ही गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) पर सफर करने का सौभाग्य प्राप्त होने वाला है। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, संभल, अमरोहा, बुलंदशहर, हापुड़ होते हुए मेरठ तक जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के मेन कैरिजवे का 96% प्रतिशत से ज्यादा काम हो चुका है, जबकि कुछ काम ही बचा है। फिलहाल फास्टैग टोल सिस्टम का भी सफल प्रशिक्षण कर लिया गया है। इस मार्च तक यह खोला जा सकता है।
लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर अपडेट
उत्तर प्रदेश के लिए एक और बहुमूल्य एक्सप्रेस वे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे है। इसकी लंबाई करीब 63 किलोमीटर है और यह एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे है, जोकि 6 लाइन बनाया गया है। इस एक्सप्रेसवे को भविष्य में आठ लेन तक किया जा सकता है। यानी भविष्य को देखते हुए इस एक्सप्रेसवे का निर्माण किया गया है। अब एक्सप्रेसवे बन जाने से 3 घंटे का सफर 35 से 40 मिनट में पूरा हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे (Expressway Update) पर 18 से 19 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड बनाया गया है, जो एलिवेटेड क्षेत्र का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। करीब 4700 करोड़ रुपये से एक्सप्रेसवे तैयार किया जा रहा है और मार्च 2026 के अंत में इसके चालू होने की संभावना है। फिलहाल इसमें आखिरी चरण का कार्य चल रहा है।
12 नए लिंक एक्सप्रेस वे भी होंगे तैयार
प्रदेश में जल्द ही 12 नए लिंक एक्सप्रेस वे (Link Expressway) भी तैयार किए जाएंगे। इसमें लखनऊ प्रयागराज लिंक एक्सप्रेस वे, झांसी प्रयागराज लिंक एक्सप्रेस वे, चित्रकूट रीवा लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस वे, मेरठ, हरिद्वार, चित्रकूट, रीवा, देवरिया, गोरखपुर, बहराइच, नेपाल बॉर्डर, अयोध्या, वाराणसी और आगरा, अलीगढ़ लिंक एक्सप्रेसवे शामिल है।
गोरखपुर पानीपत एक्सप्रेसवे की डीपीआर हुई तैयार
उत्तर प्रदेश से हरियाणा तक कनेक्टिविटी भी मजबूत की जाएगी। गोरखपुर पानीपत एक्सप्रेसवे (Gorakhpur Panipat Expressway) की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इस एक्सप्रेसवे में करीब 22 जिले शामिल किए गए हैं। नया एक्सप्रेसवे बन जाने से पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक का सफर आसान होगा। वहीं, हरियाणा से नेपाल तक का सफर आसान हो जाएगा।
