New Metro line : दिल्ली मेट्रो ने राजधानी और एनसीआर के यात्रियों के लिए एक नई मेट्रो लाइन की घोषणा कर दी है। यह लाइन इस रूट को जोड़ते हुए यातायात को आसान और तेज़ बनाने वाली है। नए रूट पर एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated Corridor) बनेगा, जिससे यात्रा समय घटेगा और ट्रैफिक जाम कम होगा…इस अपडेट से जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए खबर काे पूरा पढ़ लें-
दिल्ली मेट्रो एक बार फिर राजधानी और एनसीआर के यात्रियों को बड़ी राहत देने जा रही है। साउथ दिल्ली में मेट्रो कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने एक नए एलिवेटेड कॉरिडोर की घोषणा की है।
DMRC के अनुसार, यह नया एलिवेटेड कॉरिडोर फेज-5 की गोल्डन लाइन का हिस्सा होगा, जिसे तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक विकसित किया जाएगा। लगभग 3.9 किलोमीटर लंबे इस रूट के जरिए यमुना रिवरफ्रंट (Yamuna Riverfront) से सटे इलाकों को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी। इस कॉरिडोर पर कुल चार मेट्रो स्टेशन (metro station) प्रस्तावित हैं, जिनमें दो मौजूदा स्टेशनों को जोड़ने के साथ बीच में दो नए स्टेशन बनाए जाएंगे।
नया कॉरिडोर शुरू होने के बाद तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज (Tughlakabad to Kalindi Kunj) तक की यात्रा केवल 10-12 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे साउथ दिल्ली और नोएडा के बीच रोजाना आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल नोएडा से बदरपुर (Noida to Badarpur) या तुगलकाबाद पहुंचने के लिए यात्रियों को जटिल रूट्स अपनाने पड़ते हैं। ब्लू लाइन से वॉयलेट लाइन के जरिए यात्रा करने पर करीब 31 स्टेशन आते हैं और मंडी हाउस पर इंटरचेंज (Interchange at Mandi House) करना पड़ता है, जिससे सफर का समय 1 घंटा 20 मिनट से भी ज्यादा हो जाता है। वहीं ब्लू, मेजेंटा और वॉयलेट लाइन के कॉम्बिनेशन में स्टेशन तो कम पड़ते हैं, लेकिन दो बार मेट्रो (metro) बदलनी पड़ती है और कालकाजी मंदिर पर पैदल चलना भी जरूरी हो जाता है।
गोल्डन लाइन (golden line) के इस नए एलिवेटेड कॉरिडोर के शुरू होने के बाद बॉटेनिकल गार्डन (Botanical Garden) से तुगलकाबाद के बीच सिर्फ चार मेट्रो स्टेशन रह जाएंगे। इससे नोएडा सिटी सेंटर (Noida City Center) से बदरपुर बॉर्डर तक कुल स्टेशनों की संख्या घटकर आठ हो जाएगी और पूरी यात्रा 25 मिनट से भी कम समय में पूरी की जा सकेगी।
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ उन यात्रियों को मिलेगा, जो रोजाना कालिंदी कुंज बॉर्डर (Kalindi Kunj Border) पर भारी ट्रैफिक से जूझते हैं। निजी वाहनों के बजाय मेट्रो को अपनाने से न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि सड़क जाम और वायु प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
यह नया मेट्रो कॉरिडोर (metro corridor) दिल्ली-एनसीआर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करेगा। तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्टिविटी के जरिए यह परियोजना साउथ दिल्ली और नोएडा के बीच दूरी को काफी हद तक कम कर देगी। कुल मिलाकर, गोल्डन लाइन (golden line) का यह एलिवेटेड कॉरिडोर लाखों यात्रियों की रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाते हुए घंटों के सफर को मिनटों में बदल देगा।
