New Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर। केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन को महंगाई के अनुरूप संशोधित करना है। केंद्रीय कर्मचारी का वेतन कैसे संरचित होता है और टीओआर (TOR) उस पर कैसे प्रभाव डालता है। आइए जानते हैं डिटेल में…
केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन को महंगाई के अनुरूप संशोधित करना है। इस आयोग का लक्ष्य महंगाई को ध्यान में रखते हुए वेतन और पेंशन में सुधार करना है ताकि कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों से राहत मिल सके।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Minister Ashwini Vaishnav) ने जनवरी में इसकी घोषणा की थी। यह आयोग 2026 तक लागू होने की उम्मीद है। इसके लागू होने पर, यह महत्वपूर्ण वित्तीय लाभ प्रदान करेगा।
बता दें कि भविष्य के कदम ‘संदर्भ की शर्तों’ या टीओआर पर निर्भर हैं। हालांकि, इसके बारे में नेशनल काउंसिल-संयुक्त एडवाइजरी सिस्टम (National Council-Joint Advisory System) के कर्मचारी पक्ष के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने एनडीटीवी प्रॉफिट को बताया है कि इसे ‘जल्द से जल्द’ मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
क्या है डिटेल-
केंद्रीय कर्मचारी का वेतन कैसे संरचित होता है और टीओआर (TOR) उस पर कैसे प्रभाव डालता है। आइए जानते हैं डिटेल में…
केंद्र सरकार के कर्मचारियों का सैलरी स्ट्रक्चर-
एक सरकारी कर्मचारी के वेतन में मूल वेतन, महंगाई भत्ता (Dearness Allowance), मकान किराया भत्ता (House Rent Allowance) और परिवहन भत्ता शामिल होता है। एंबिट इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों का मूल वेतन उनकी कुल आय का 51.5 प्रतिशत होता है-
DA लगभग 30.9 प्रतिशत,
HRA लगभग 15.4 प्रतिशत और
यात्रा भत्ता लगभग 2.2 प्रतिशत होता है।
जानिए क्या है ToR, इसकी आवश्यकता क्यों है?
ToR यानी Terms of Reference एक ज़रूरी दस्तावेज़ है जो वेतन आयोग के काम की सीमा तय करता है। यह बताता है कि आयोग को किन-किन मुद्दों पर सिफारिशें देनी हैं। बिना ToR के, आयोग को कोई आधिकारिक मान्यता नहीं मिलती और वह अपना काम शुरू नहीं कर पाता। इसलिए, वेतन आयोग के लिए ToR बहुत महत्वपूर्ण है. इसके बिना, वेतन, भत्ते और पेंशन में कोई भी बदलाव लागू नहीं हो पाएगा।
आठवां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें कब प्रस्तुत करेगा?
एंबिट इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2025 के अंत तक पेश की जा सकती हैं और 2026 की शुरुआत में लागू होने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक कार्यान्वयन रिपोर्ट के पूरा होने, सरकार (government) को प्रस्तुत होने और उसकी सिफारिशों पर सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
आठवें वेतन आयोग से किसे लाभ होगा?
आठवें वेतन आयोग (8th pay commission news) की सिफारिशें वित्तीय वर्ष 2027 में लागू हो सकती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इससे केंद्र सरकार (central government) के वेतन और पेंशन में 30-34% की बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसका सीधा फायदा 1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलेगा।
इनमें करीब 50 लाख सेवारत कर्मचारी (रक्षा कर्मियों सहित) और लगभग 65 लाख पेंशनभोगी (रक्षा सेवानिवृत्त कर्मियों सहित) शामिल हैं। यह अनुमानित वृद्धि सरकारी कर्मचारियों (employees) और सेवानिवृत्त (retired) लोगों के लिए एक बड़ी राहत होगी।