Pay Commission Update : देशभर के कर्मचारियों के लिए हाल ही में एक बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। बता दें कि अब सरकार ने 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे में सैलरी (Salary Hike) और पेंशन में भी बंपर उछाल आने वाला है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से कर्मचारियों के लिए जारी इस अपडेट के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
अगर आप भी केंद्रीय कर्मचारी है तो ये खबर आपके काफी काम की हो सकती है। सरकार अब जल्द ही नए वेतन आयोग को लागू करने वाली है। इस वेतन आयोग (Pay Commission) की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बता दें कि अब कर्मचारियों और पेंशनर्स से सुझाव की मांग की जाने वाली है। खबर के माध्यम से जानते हैं 8वें वेतन आयोग को लेकर जारी इस अपडेट के बारे में।
इन लोगों पर पड़ेगा प्रभाव
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से देश के लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर्स पर प्रभाव पड़ने वाला है। अगर आयोग नई सिफारिशों (New Pay Commission) को पैश करता है और सरकार उन्हें मंजूर कर देती है। ऐसे में कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बड़ा बदलाव दर्ज किया जा सकता है।
जानिये वेतन आयोग में क्या होंगे बदलाव
केंद्र सरकार समय-समय पर वेतन आयोग का गठन करती है। इसका काम सरकारी कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर की समीक्षा करना होता है। आयोग महंगाई, आर्थिक स्थिति और सरकार (Government Latest Update) की वित्तीय क्षमता को ध्यान में रखते हुए सैलरी और भत्तों में बदलाव की सिफारिश करता है। भारत में पहला वेतन आयोग 1946 में गठित किया गया था। तब से अब तक 7 वेतन आयोग (Pay Commission) को लागू किया जाता है।
7वें वेतन आयोग में लियेा था ये फैसला
7वां वेतन आयोग को 2016 में लागू किया गया था। इसके तहत केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी (minimum basic salary) 18,000 रुपये प्रति माह तय की गई थी। साथ ही में अधिकतम बेसिक सैलरी के बारे में बात करें तो ये 2.5 लाख रुपये प्रति माह तय की गई थी।
जानिये समय के साथ कैसे बढ़ी सैलरी
वेतन आयोगों के जरिए सरकारी कर्मचारियों की सैलरी (salary Hike) में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
पहला वेतन आयोग (1946-47): न्यूनतम सैलरी 55 रुपये, अधिकतम 2,000 रुपये तय की गई थी।
दूसरा वेतन आयोग (1957-59): न्यूनतम 80 रुपये, (2nd pay commission) अधिकतम 3,000 रुपये तय की गई थी।
तीसरा वेतन आयोग (1972-73): न्यूनतम 196 रुपये, अधिकतम 3,500 रुपये तय की गई थी।
चौथा वेतन आयोग (1986): न्यूनतम 750 रुपये, अधिकतम 8,000 रुपये तय की गई थी।
पांचवां वेतन आयोग (1996): न्यूनतम 2,550 रुपये, (5th pay commission) अधिकतम 26,000 रुपये तय की गई थी।
