new railway line : देशभर में रेलवे लगातार प्रगति कर रहा है। अब रेलवे एक और नई लाइन को बिछाने वाला है। इस नई रेलवे लाइन के लिए कुल 24.2811 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। सरकार ने भी इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा दी है। इसकी वजह से प्रदेशवासियों को काफी ज्यादा लाभ होने वाला है। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
भारतीय रेलवे को दुनिया के कुछ सबसे बड़ी रेल व्यवस्था में शामिल किया गया है। भारत में हर छोटे से छोटे शहर में रेल लाइनों को बिछाया गया है। वहीं रेलवे लाइन का कार्य लगातार प्रति पर है।
अब सरकार ने एक और रेलवे लाइन (new railway line) को बिछाने की तैयारी कर दी है। इस रेलवे लाइन के लिए कुल 24.2811 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाने वाला है। ये प्रोजेक्ट काफी बड़ा रहने वाला है। खबर में जानिये इस रेलवे लाइन के बारे में पूरी जानकारी।
रेलवे द्वारा 24.2811 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा
सीकर ज़िले में कई सालों से चर्चा में रही रींगस-खाटूश्यामजी रेलवे लाइन (Ringas-Khatushyamji Railway Line) की परियोजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे के निर्माण संगठन ने इस रेल लाइन के लिए ज़रूरी भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना को जारी कर दिया है। इससे संबंधित क्षेत्रों में हलचल और चर्चाएं तेज होती दिख रही है।
रेल मंत्रालय ने दी जानकारी-
अधिसूचना के मुताबिक आने वाली 8 अगस्त को रेलवे द्वारा 24.2811 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाने वाला है। यह भूमि रींगस, कोटड़ी धायलान, चारणवास, पीरावली, देवीपुरा, लांपुवा, तपीपल्या, आभावास, कैरपुरा और खाटूश्यामजी कस्बे से ली जाने वाली है। रेल मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी में प्रभावित किसानों के नाम और उनके बैंक खाते की जानकारी भी दी गई है, इसकी वजह से मुआवज़ा सीधे खातों में भेजा जा सके।
लोगों ने दी ये प्रतिक्रिया-
रींगस-खाटूश्यामजी रेलवे लाइन (Ringas-Khatushyamji Railway Line Update) परियोजना को लेकर गांवों में असंतोष भी देखने को मिल रहा है। कई ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से मिलकर इस प्रोजेक्ट को रोकने की मांग भी की थी। उनका मानना है कि भूमि अधिग्रहण से खेती प्रभावित होने वाली है। वहीं लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर भी इसका प्रभाव पड़ने वाला है। हालांकि सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किए जाने से साफ हो गया है कि परियोजना किसी भी स्थिति में आगे नहीं बढ़ने वाली है।
श्रद्धालुओं को मिली बड़ी राहत-
जानकारी के लिए बता दें कि, यह रेलवे लाइन (Railway Line News) धार्मिक दृष्टि से भी काफी अहम मानी जा रही है। खाटूश्यामजी मंदिर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख आस्था केंद्र है। हर वर्ष लाखों भक्त यहां दर्शन करने के लिउ पहुंचते हैं। फिलहाल खाटू पहुंचने के लिए रींगस तक ट्रेन से आने के बाद सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। इसकी वजह से समय और पैसे दोनों की खपत होती है। हालांकि अब सीधे रेल मार्ग से खाटूश्यामजी पहुंचने की सुविधा मिलने से न सिर्फ भक्तों को सहूलियत दी जाएगी, बल्कि यात्रा भी सुरक्षित और सुलभ बनाई जा सकती है।
क्षेत्रीय विकास को भी मिलेगी गति-
गौर करने वाली बात ये है कि रींगस-खाटूश्यामजी रेलवे लाइन (new railway line) के बाद रेलवे विभाग खाटू से सालासर तक रेलमार्ग विस्तार की भी योजना बना चुका है। इसके पहले चरण में खाटू से पलसाना तक का सर्वे और मार्किंग कार्य को पूरा कर लिया गया है। इसकी वजह से धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है।