Railway News : देशभर में अब रेलवे की ओर से ट्रेनों की रफ्तार को एक नए मुकाम पर ले जाने का प्लान तैयार किया जा रहा है। अब राजधानी के रूट्स पर 160 की स्पीड से ट्रेनें दौड़ती नजर आने वाली है और इसके साथ ही रेलवे की ओर से 34 स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाओं (Passenger facilities) के लिए कई बड़े कार्य किए जाने वाले हैं। आइए खबर के माध्यम से विस्तार से जानते हैं इस बारे में-
हर रोज लाखों यात्री रेलवे में सफर करते हैं और अब भारतीय रेलवे रेल लाइनों पर ट्रेनों की रफ्तार को लेकर तैयारियों में जुटी हुई है। अब यात्रियों के सफर को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए रेलवे (Railway News) ने ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने का फैसला लिया है। अब राजधानी के रूट्स पर 160 की स्पीड से ट्रेनें दौड़ती नजर आने वाली है। आइए खबर में जानते हैं कि किन रूट्स पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की मंजूरी मिली है।
स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच की होगी स्थापना
दरअसल, आपको बता दें कि दिल्ली से मुंबई और दिल्ली से हावड़ा रेल रूट (Delhi to Howrah Rail Route) पर ट्रेनों की गति क्षमता 160 किलोमीटर करने को लेकर रेलवे की ओर से तैयारियां की जा रही है। यहां पर ट्रेन की स्पीड लिमिट बढ़ाने के साथ ही सुरक्षित रेल परिचालन के लिए स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच की भी स्थापना की जा रही है और इतना ही नहीं रेलवे स्टेशनों (Railway News) पर अत्याधुनिक सिग्नलिंग का प्रोविजन तय किया जा रहा है।
रेल मंत्रालय ने किया इतना बजट स्वीकृत
रेल मंत्रालय की ओर से इस प्रोजेक्ट के लिए 421.41 करोड़ की राशि मंजूरी की गई है, जिससे दिल्ली मंडल के 21 स्टेशनों पर नई इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली (New electronic interlocking system) स्थापित होगी और अंबाला मंडल के 13 रेलवे स्टेशनों पर नई इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली की स्थापना की जाएगी। दिल्ली मंडल के कई स्टेशनों जैसे कि नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली आदि कई स्टेशनों पर इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली की सुविधा मिलती है, लेकिन कवच सिस्टम के लिए कई स्टेशनों पर अभी भी स्वीकृत रूट पर मैकेनिकल सिग्नलिंग से काम किया जा रहा है।
34 स्टेशनों में किया जाएगा ये काम
इसके साथ ही दिल्ली मंडल के 21 स्टेशनों पर 292.24 करोड़ की लागत से इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली (electronic interlocking system) में बदलने का कार्य किया जाना है और अंबाला मंडल की ओर से 13 स्टेशनों पर इसके लिए 129.17 करोड़ रुपये की लागत आंकी गई है। जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली-मुंबई रूट पर नई दिल्ली से पलवल तक दिल्ली मंडल के अंतर्गत आता है।
तिलक ब्रिज रेलखंड पर चल रहा काम
बता दें कि बीते कुछ समय पहले तुगलकाबाद से पलवल तक कवच (Armour from Tughlakabad to Palwal) की स्थापना हो गया है और तुगलकाबाद से तिलक ब्रिज रेलखंड पर अभी वर्क चल रहा है। ठीक ऐसे ही दिल्ली से गाजियाबाद तक यह कार्य किया जाने वाला है। इन दोनों रूट पर इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी और आने वाले सभी स्टेशनों पर इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिग्नलिंग प्रणाली की स्थापना होगी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिग्नल (electronic interlocking signals) को कंट्रोल करने के लिए पारंपरिक मैकेनिकल इंटरलाकिंग के विपरीत कंप्यूटर आधारित प्रणालियों का यूज किया जाता है, जिससे मानवीय गलितयों की संभावना खत्म हो जाती है।
