New Expressway : राजस्थान क्षेत्रफल के मामले में देश का सबसे बड़ा राज्य है। राजस्थान के हर जिले और शहर को मजबूत सड़क कनेक्टिविटी देने के लिए सरकार अब नए एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण कर रही है। अब राजस्थान वालों के लिए गुड न्यूज़ है। दरअसल, सरकार ने तीन नए एक्सप्रेसवे बनाने का ऐलान किया है। आईए जानते हैं किन-किन रूटों पर नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे।
राजस्थान के विकास को अब पंख लगने वाले हैं। दरअसल, सरकार ने हाल ही में राजस्थान में कल 9 नए एक्सप्रेसवे विकसित करने का ऐलान किया है। जिनमें से तीन महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे पश्चिमी राजस्थान को मिले हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के औद्योगिक, व्यापारिक, पर्यटन क्षेत्र को नई रफ्तार मिलेगी। हालांकि, फिलहाल तीनों परियोजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जल्द ही तीनों एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
जमीन अधिग्रहण, डिजाइन और डीपीआर (New Expressway DPR) तैयार करने की प्रक्रिया लगातार जारी है। सरकार का दावा है कि इन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे को बड़े इकोनामिक कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा, जिसे राजस्थान की कनेक्टिविटी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर होगी। यह तीन नए एक्सप्रेसवे राजस्थान के कई जिलों के विकास की तस्वीर को बदलकर रख देंगे। इन एक्सप्रेसवे के तैयार होने से लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
1. जयपुर से पचपदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
सबसे पहले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Greenfield Expressway) जयपुर से पचपदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। यह एक्सप्रेसवे अमृतसर जामनगर इकोनामिक कॉरिडोर को पचपदरा से कनेक्ट करेगा। इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 350 किलोमीटर होगी। यह जयपुर, अजमेर, पाली और जोधपुर जिले को कनेक्ट करेगा। इस एक्सप्रेसवे को बनाने पर 11,000 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। इस रूट पर अभी हाईवे से 390 किलोमीटर दूरी को तय करने में लगभग 6 से 7 घंटे का समय लगता है, जबकि नया एक्सप्रेसवे (New Expressway Update) बनने के बाद यह दूरी सिर्फ और सिर्फ 3:30 घंटे में पूरी की जा सकेगी।
2. जालोर से झालावाड़ का सफर होगा आसान –
दूसरा एक्सप्रेसवे जालौर से झालावाड़ के बीच बनाया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे अमृतसर जामनगर इकोनामिक कॉरिडोर (Economic Corridor) से शुरू होकर झलवारा में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा। इस एक्सप्रेसवे को बनाने पर लगभग 11000 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। हाड़ौती, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश से राजस्थान के पश्चिमी जिले को जोड़ने के लिए यह योजना है। वहीं दोनों एक्सप्रेसवे के कनेक्ट होने से प्रदेश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक व्यापार करना भी काफी आसान हो जाएगा। इस एक्सप्रेसवे (New Expressway) की लंबाई 402 किलोमीटर होगी। अभी हाईवे से 578 किलोमीटर का सफर करने में 10:30 घंटे का समय लगता है जबकि नया एक्सप्रेस पर बनने के बाद यही यात्रा केवल चार घंटे में पूरी हो जाएगी।
3. सोलर हब को राजधानी से जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे
तीसरा एक्सप्रेसवे उत्तरी जयपुर की रिंग रोड (Jaipur Ring Road) से शुरू होकर फलोदी कस्बा में एनएच-11 से कनेक्ट होगा। इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 345 किलोमीटर होगी। अभी हाईवे से 410 किलोमीटर का समय तय करने में 7 घंटे का समय लगता है, जबकि नया एक्सप्रेस बनने के बादयह यात्रा 3:30 घंटे में पूरी हो जाएगी। इस एक्सप्रेसवे को बनाने में 11000 करोड़ से ज्यादा खर्च आएगा।
राजस्थान के विकास को मिलेगी रफ्तार –
इन सभी एक्सप्रेसवे को जामनगर-अमृतसर सड़क से कनेक्ट किया जाएगा। जिससे कि राजस्थान की गुजरात के पोर्ट तक की दूरी को कम किया जा सके। पश्चिमी राजस्थान में रिफाइनरी के साथ DMIC का जोधपुर-पाली के बीच प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र भी इससे लाभांवित होगा। जिससे कि लॉजिस्टिक सुविधाएं भी सुगम होगी। इन तीनों एक्सप्रेसवे पर लगभग 38000 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
