Rajasthan News : जल्द ही राजस्थान का एक और क्षेत्र विकास की राह पकड़ने वाला है। औद्योगिक गतिविधयों के नए केंद्र के रूप में इस क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। ध्यान रहे कि केंद्र सरकार की ओर से 4 मुख्य फ्रेट कॉरिडोर केंद्रों का विकास किया जा रहा है। इन मुख्य फ्रेट कॉरिडोटर में एक वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) भी शामिल है।
जल्द ही राजस्थान में मारवाड़ जंशन क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों के विकास का ठिकाना बनने वाला है। देश में केंद्र सरकार की ओर से बनाए जा रहे 4 मुख्य फ्रेट कॉरिडोर केंद्रों में एक वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) है। इसी डब्ल्यूडीएफसी का एक केंद्र मारवाड़ जंक्शन भी है। ऐसे में अब इस नीति के तहत जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र का विकास हो रहा है। ऐसे में कहा यही जा रहा है आने वाले समय में यह क्षेत्र पश्चिम भारत की औद्योगिक क्रांति को नई दिशा में ले जा सकता है।
इस नए क्षेत्र का विकास कार्य नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (National Industrial Corridor Development Corporation) की ओर किया जा रहा है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट पर लगभग 922 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान लगाया गया है। वहीं, इस क्षेत्र को 1578 एकड़ में बनाया जाएगा। वहीं, अगर मुख्य शहर जोधपुर से इस औद्योगिक क्षेत्र की दूरी की बात करें तो यह महज 30 किलोमीटर दूर होगा।
इसी के साथ मारवाड़ जंक्शन से इसकी दूरी ज्यादा नहीं है। यह क्षेत्र मारवाड़ जंक्शन से भी 60 किलोमीटर की ही दूरी पर बनेगा। ऐसे में यहां पर परिवहन को लकर कोई समस्या नहीं आएगी। वहीं, लॉजिस्टिक और व्यापारिक संचालन के नजरिये से भी यह एक उत्तम स्थान माना जा रहा है।
अगर हम बात करें जोधपुर-पाली-देसूरी बेल्ट की तो कई चीजों को लेकर इस क्षेत्र ने पहले से ही नेशनल लेवल पर अपनी साख बना रखी है। यह क्षेत्र काफी अरसे से हैंडीक्राफ्ट, फैब्रिक, मार्बल और ग्रेनाइट उत्पादों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाता है। ऐसे में इस क्षेत्र का और ज्यादा विकास होने से यहां के लोकल कौशल और उत्पादन क्षमता को नए आयाम मिलेंगे।
इस क्षेत्र का सारा कारोबार बाजार से सीधा जुड़ जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत जहां औद्योगिक विकास होगा वहीं, दूसरी ओर यहां के एरिया में हरियाली, ट्रैफिक व्यवस्था, पर्यावरण, पार्क, ओपन स्पेस और लॉजिस्टिक सुविधाओं का भी बढ़ावा होगा। ऐसे में आने वाले समय में यहां पर लोगों के रहने की जगह व व्यवसायिक गतिविधियों के बीच बेहतरीन संतुलन भी देखा जा सकता है।
मारवाड़ क्षेत्र का होगा बेहतरीन विकास
आगामी सालों में जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्री कॉरिडोर (Jodhpur-Pali-Marwar Industrial Corridor) के विकास से इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भी बड़ा बदलाव देखने की उम्मीद है। इस क्षेत्र के लोगों को व्यापारिक स्तर पर दिल्ली-मुंबई फ्रेट रूट का भी लाभ मिल पाएगा। साथ ही यहां के स्थानिय लोगों के लिए रोजगार के भी नए अवसर पैदा होंगे और उन्हें निवेश का भी बढ़िया मौका मिलेगा।
इसी के साथ इस क्षेत्र का विकास होने से यहां से जुड़े कस्बों व गांव की आर्थिक व्यवस्था बढ़ेगी। ऐसे में कहा जा सकता है कि आने वाले समय में वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बनने से मारवाड़ जंक्शन महज रेलवे का एक ठहराव नहीं, बल्कि औद्योग का एक नया रास्ता खुलने जा रहा है। ऐसे में इस एरिया का काफी ज्यादा विकास होने की उम्मीद है।
वहीं, माना यही जा रहा है कि अगर इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ा दिया जाता है तो इससे न केवल राजस्थान (Rajasthan News) के औद्योगिक सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इसके बनने से पूरे पश्चिम भारत का ही एक मुख्य व्यापारिक ट्रांसपोर्ट और मैन्यूफैक्चरिंग हब के रूप में पहचान मिलेगी।
इससे न केवल निवेशकों को लाभ मिलेगा बल्कि युवाओं का भविष्य भी संवरेगा। ऐसे में मारवाड़ जंक्शन का यह औद्योगिक क्षेत्र यहां के युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा। इसी के साथ मारवाड़ की अर्थव्यवस्था में भी एक पॉजिटिव बदलाव आने के अवसर बढ़ेंगे।
हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार का अवसर
मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र में हो रहे विकास के चलते उद्योग, व्यापार और उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए 7500 करोड़ रुपये का निवेश किए जाने का अंदाजा लगाया जा रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में हो रही गतिविधियों के चलते लगभग 40000 युवाओं को नौकरी मिलने के भी अवसर पैदा होंगे। इसी के साथ अन्य कई अवसर भी इस इलाके में खुल जाएंगे। वहीं फेट कॉरिडोर इस क्षेत्र के काफी करीब है, ऐसे में यहां स्थापित होने वाले उद्योगों के कच्चे माल की सप्लाई और उनके डिलीवरी के लिए समय भी कम लगेगा और लागत भी कम लगेगी।
यह रहेंगे मुख्य केंद्र बिंदु
इस परियोजना के तहत सरकार और एनआइसीडीसी की ओर से जिन उद्योगों की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग ज्यादा है, उन पर फोकस किया जाएगा।
क्या कहतें है जानकार
जो इस परियोजना में मुख्य केंद्र बिंदु रहेंगे उनमें टेक्सटाइल उद्योग, बिल्डिंग मटेरियल, हैंडीक्राफ्ट, एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग में ऑटो सेक्टर शामिल हैं। निवेशक राकेश का कहना है कि इस पूरे प्रोजेक्ट से पाली, जालौर व जोधपुर सहित पूरे मारवाड़ क्षेत्र को एक नया अवसर मिलेगा। इससे एग्रो फूड और प्रोडक्ट्स का बाजार भी काफी बढ़ जाएगा।
ऐसे में लोगों को काफी ज्यादा फायदा होगा। वहीं, निर्यातक राधेश्याम रंगा का कहना है कि हैंडीक्राफ्ट निर्यात के सामने लॉजिस्टिक एक बड़ी समस्या बन जाता है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट के आने से यह समस्या काफी हद तक काम हो जाएगी। इसके तहत हैंडीक्राफ्ट का एक जोन भी बनेगा, जिससे काफी ज्यादा लाभ मिलेगा। उद्यमी नरेश परिहार का कहना है कि इस विकास कार्य से मारवाड़ क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी। इस परियोजना के चलते यहां के उद्योगों में काफी वैरायटी आएगी।
