Rajasthan Government Project : राजस्थान के विकास गति को रफ्तार देने के लिए सरकार कई प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। राज्य में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए हाईवे और एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। अब राजस्थान वालों के लिए एक गुड न्यूज है। दरअसल, सरकार ने राजस्थान में नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने का प्लान तैयार किया है। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (New Greenfield Expressway) पर लगभग 11,492 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। आईये नीचे खबर में जानते हैं किस रूट पर नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा।
राजस्थान रोड इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास में बड़ा बदलाव आने वाला है। दरअसल, सरकार राज्य में नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने जा रही है। यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे राजस्थान की तस्वीर बदलकर रख देगा। बता दें कि नया एक्सप्रेसवे जयपुर से बालोतरा जिले के पचपदरा तक बनाया जाएगा। इन जिलों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
तेजी पर है भूमि अधिग्रहण और DPR का काम –
सरकार का यह खास प्रोजेक्ट सफर को आसान और तेज बनाएगा। इसके साथ ही पश्चिमी राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। केंद्र सरकार ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (New Greenfield Expressway) के निर्माण के लिए पहले से ही मंजूरी दे दी है। हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, अब भूमि अधिग्रहण तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है।
11,492 करोड़ की लागत से तैयार होगा नया एक्सप्रेसवे –
बता दें कि राजस्थान की राजधानी जयपुर को मारवाड़ से जोड़ने के लिए नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 350 से 400 किलोमीटर होगी। यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर जयपुर (Greenfield Corridor Jaipur) से शुरू होकर किशनगढ़ (अजमेर), पाली और जोधपुर जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा और अंत में पचपदरा पहुंचेगा। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 11,492 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा।
मार्ग जोधपुर-पाली क्षेत्र से होकर निकलेगा, जिससे रोहट में प्रस्तावित दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के पश्चिमी हिस्से को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यह एक्सप्रेस-वे अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे (Amritsar-Jamnagar Expressway) और भारतमाला कॉरिडोर से कनेक्ट होगा।
पचपदरा रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल हब को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा –
इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा लाभ पचपदरा रिफाइनरी और वहां विकसित हो रहे पेट्रोकेमिकल हब (Petrochemical Hub) को होगा। रिफाइनरी को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन के लिए एक समर्पित, तेज और सुरक्षित मार्ग मिलेगा। इससे लॉजिस्टिक लागत में भारी कमी आएगी और समय की बचत होगी। रिफाइनरी से उत्पादों को कांडला पोर्ट तक तेजी से पहुंचाने में भी मदद मिलेगी, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
2 से 3 घंटे कम हो जाएगा यात्रा का समय –
जयपुर से जोधपुर और बालोतरा के बीच यात्रा का समय 2 से 3 घंटे कम हो जाएगा। जोधपुर में प्रस्तावित नई रिंग रोड (New Ring Road) के समीप से गुजरने के कारण स्थानीय ट्रांसपोर्ट और औद्योगिक गतिविधियां भी तेज होंगी। यह मार्ग दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (Delhi-Mumbai Industrial Corridor) को पश्चिमी राजस्थान से जोड़ेगा, जिससे क्षेत्र में नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होंगे।
राजस्थान की बदल जाएगी तस्वीर –
एक्सपर्ट का कहना है कि यह एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा करेगा। बेहतर लॉजिस्टिक्स से राजस्थान के उत्पादों की पहुंच गुजरात के बंदरगाहों तक आसानी से हो पाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर व्यापार बढ़ेगा, नए उद्योग लगेंगे और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। पश्चिमी राजस्थान, जो अब तक कनेक्टिविटी की कमी से पिछड़ा रहा है, अब तेज विकास की राह पर होगा। कुल मिलकर यह कहना गलत नहीं होगा कि इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बनने से राजस्थान की तस्वीर बदल जाएगी।
