नई दिल्ली: संसद में पारित हुए Regulation of Online Gaming Bill, 2025 ने भारतीय क्रिकेट में बड़ा बदलाव ला दिया है। इस कानून के बाद BCCI ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Dream11 के साथ अपनी स्पॉन्सरशिप डील खत्म कर दी है।
🔹 BCCI का बयान
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि करते हुए कहा:
“BCCI और Dream11 का रिश्ता नए कानून के बाद समाप्त हो रहा है। बोर्ड यह सुनिश्चित करेगा कि आगे चलकर किसी भी ऐसी संस्था से कोई समझौता न किया जाए।”
इसका मतलब है कि भविष्य में BCCI किसी भी ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनी के साथ करार नहीं करेगा।
🔹 Dream11 और BCCI की डील
- PTI की रिपोर्ट के अनुसार, Dream11 और My11Circle मिलकर भारतीय क्रिकेट को लगभग 1,000 करोड़ रुपये का योगदान देते हैं।
- Dream11 का 2023 से 2026 तक 44 मिलियन डॉलर (358 करोड़ रुपये) का करार टीम इंडिया के टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए था।
- इसके अलावा, Dream11 IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) का भी अहम प्रायोजक रहा है।
🔹 नया कानून और असर
नए कानून में साफ प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति “ऑनलाइन मनी गेमिंग सर्विस” की पेशकश, सहयोग, प्रचार या प्रोत्साहन नहीं कर सकता। यह नियम सीधे तौर पर Dream11 जैसी कंपनियों के बिज़नेस मॉडल को प्रभावित करता है।
Dream11 ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“हम हमेशा कानून का पालन करने वाली कंपनी रहे हैं। भले ही हमें लगता है कि प्रगतिशील कानून भविष्य के लिए बेहतर होते, लेकिन हम सरकार के इस कानून का पूरी तरह पालन करेंगे।”
🔹 खिलाड़ियों की कमाई पर असर
BCCI और Dream11 के बीच समझौता टूटने के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि भारतीय क्रिकेटरों के व्यक्तिगत एंडोर्समेंट कॉन्ट्रैक्ट्स पर भी असर पड़ सकता है। कई खिलाड़ी Dream11 और इसी तरह के अन्य ऐप्स के ब्रांड एंबेसडर हैं। ऐसे में उनकी विज्ञापन आय (endorsement income) में कमी आने की संभावना है।