Agromet Advisory : बढ़ती हुई शीतलहर से इन राज्यों में बारिश के आसार, यूपी-बिहार के किसान अपनी फसल को लेकर बरतें सावधानी

 
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खेती-किसानी के दौरान मौसम और तापमान का खास महत्व होता है। मौसम की जानकारी यदि समय नहीं मिले तो फसल के नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से हर रोज मौसम को लेकर के अपडेट जारी की जाती है। जिसका उद्देश्य से किसानो तक मौसम से जुड़ी हुई सभी तरह की अपडेट जारी की जाती है। इसमें मौसम से जुड़ी हुई सलाह भी शामिल है। इन दिनों सर्दियों का मौसम चल रहा है। देश के ज्यादातर इलाको में शीलहर का प्रकोप जारी किया गया है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है।  उत्तर प्रदेश और बिहार के ज्यादातर इलाकों मे घना कोहरा रहने के आसार है। 

कहा हो सकती है बारिश 
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में बरसात और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, बिहार, और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाको में भी छिटपुट बारिश का अनुमान है। ऐसे में किसानो को खासतौर पर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। 

तापमान में रहेगी गिरावट
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में अगले 4 दिन का न्यूनतम तापमान -3 से -5 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान बताया जा रहा है। यहां के ज्यादातर इलाकों में बारिश के साथ-साथ बर्फबारी के आसार भी नजर आ रहे है। also read : 
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हिमाचल प्रदेश के शिमला में भी अधिकतम तापमान 10 से 14 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान -3 डिग्री सेल्सियल तक रहने की उम्म्मीद है। यहां भी दिनभर बादल छाए रहने का अनुमान है। 
हरियाणा के कुरुक्षेत्र और करीबी एरिया में गुरुवार को छिटपुट बारिश के आसार है। साथ ही शनिवार तक यहां कोहरा पड़ने की भी संभावना जताई जा रही है। 
उत्तर प्रदेश का वाराणसी और आस-पास के इलाकों में में भी शनिवार तक कोहरा छाए रहने के आसार है।  यहां दिन का तापमान ठंडा रहेगा। 

मौसम को ध्यान में रखते हुए करे कृषि कार्य 
अगले 2 से 3 दिन में अधिक शीतलहर की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान किसानो की फसल की अधिक ध्यान रखने की जरुरत है। 
इस बीच बिहार के किसान मक्के के खेत में सिंचाई और उर्वरक प्रबंधन करके अच्छे से तैयार कर लेवे। 
गेहूं की फसल में शाम के समय सिंचाई और उर्वरकों का छिड़काव कर सकते हैं। 
आलू के खेत में शाम के समय हल्की सिंचाई और पाले से फसल के बचाने के लिए गंधक का भी छिड़काव कर सकते हैं। 
सब्जी फसलों को कीटों से बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव करें और पाले से बचाव के लिए लो टनल में खेती करना फायदेमंद रहेगा। 
सरसों की पछेती फसल में भी लगातार निगरानी करते रहें।  नुकसान की संभावना दिखने पर विशेषज्ञों की सलाह अनुसार प्रबंधन कार्य भी कर लें।