Paddy Cultivation: धान की ये किस्में देंगी शानदार मुनाफा ,पानी और खाद दोनों लगेंगे कम ,जानिए इनके बारे में

 
PADDY

धन हमारे देश की एक महत्वपूर्ण फसल है धान उत्पादन में इंडिया का दूसरा स्थान है हमारे देश में 4000 से अधिक धन की किस्में उगाई जाती है आज हम आपको धान की कुछ किस्मों के बारे में बता रहे है जिनको लगाने से आपका फायदा दुगुना हो जाएगा

DHAN

जया धान 

धान की यह किस्म कम ऊंचाई वाली उन्नत किस्म है इसके दाने लंबे और सफेद होते है यह धान 130 दिन में पककर तैयार हो जाती है पौधे की ऊंचाई 82 सेंटीमीटर तक को सकती है BLB SB RTB रोग प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 50 से 60 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होती है इसकी खेती इंडिया के सभी राज्यों में की जाती है 

बासमती -370 

इसकी खेती मुख्य रूप से हरियाणा में की जाती है धान की इस किस्म के पौधे लंबे तथा दाने सफेद होते है यह 150 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसके पौधे की ऊंचाई 140 से 150 सेंटीमीटर तक होती है इसकी पैदावार 22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त होती है 

KISAN

पूसा सुगंध 

इस किस्म के धान के दाने पतले और सुगंधित होते है यह किस्म 120 से 125 दिनों में तैयार हो जाती है इस किस्म का उत्पादन प्रति हेक्टेयर 40 से 45 क्विंटल होता है इसकी खेती प्रमुख रूप से UP पश्चिम बंगाल ,बिहार ,MP में होती है 

 DRR 

इसकी खेती MP आंध्रप्रदेश ,बिहार केरल में मुख्य रूप से की जाती है धान की किस्म अच्छी पैदावार देने वाली है दाने सफेद और माध्यम लंबे होते है यह फसल 125 से 130 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसके पौधें की लंबाई 90 से 95 सेंटीमीटर तक होती है 

हाइब्रिड -620 

यह अच्छी पैदावार वाली उन्नत किस्म है इसके दाने चमकदार तथा लंबे होते है यह 125 से 130 दिन में पक कर तैयार हो जाती है यह ब्लास्ट रोग प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 62 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त हो जाती है 

PHB -71 

इसकी खेती हरियाणा ,UP ,कर्नाटक तथा तमिलनाडु में मुख्य रूप से की जाती है इसके दाने लंबे चमकदार और सफेद होते है इसकी फसल 130 दिन से 135 दिन में पक कर तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 87 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त हो जाती है  
 
IR 


इसकी खेती UP ,पंजाब ,हरियाणा ,गोवा गुजरात कर्नाटक में मुख्य रूप से की जाती है इस किस्म के दाने लंबे लेकिन पौधा छोटा होता है यह 120 से 125 दिनों में पककर तैयार हो जाता है इसका उत्पादन प्रति हेक्टेयर 50 से 55 क्विंटल होता है