किसानों को लाभ पहुंचने के लिए शुरू किया था स्टार्टअप ,आज बना दी बड़ी कंपनी

 
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लगभग 8 साल पहले बंगलौर में एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला एक साधारण कर्मचारी किसानों की समस्याओं को बहुत ही अच्छी तरह समझ गए थे हम बात कर रहे है एग्री टेक स्टार्टअप निंजाकार्ट और इसके संस्थापकों वासुदेवन  चिन्नाथंबी कार्थीस्वरण के के थिरुकुमारन नागराजन शरद लोगनाथन आशुतोष विक्रम और सचिन जोस की वर्ष 2014 में उन सभी ने एक स्टार्टअप शुरू करने की स्किम बनाई और लगभग एक साल तक इस पर काम करने के बाद वर्ष 2015 में निंजाकार्ट की स्थापना कर दी 

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वर्तमान में निंजाकार्ट  7 शहरों दिल्ली गुरुग्राम मुंबई बेंगलुरु चेनाई हैदराबाद और पुणे में सक्रिय रूप से काम कर रहा है कंपनी में 4000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है 
निंजाकार्ट के संस्थापक थिरुकुमारन नागराजन का कहना है की हमने एक टीम बनाई और अपने उद्देश्य को पूरा करने की दिशा में काम करना शुरू किया हम सभी ने देखा की खाद्य वितरण मार्किट में बहुत बड़ा अंतर है और टेक्नीक के जरिए इसे भुनाने का फायदा दिख रहा था यही से निंजाकार्ट का सफर शुरू हुआ था 
थिरुकुमारन कहते है की हम सभी अलग -अलग प्राइवेट टेक कंपनियों में काम करते थे जॉब लोकेशन एक जगह होने के कारण हम मिलते ही रहते थे आपस में बातचीत के दौरान यह भी पता चला की किसानों को मार्केट से सीधा संबंध नहीं है ऐसे में हमने टेक्नीक रूप से किसानों को सीधे मार्केट से जोड़ने की स्किम बनाई 
निंजाकार्ट एक एग्री टेक स्टार्टअप है यह किसानों से फसल खरीदता है और उन्हें सीधे होटल ,रेस्टोरेंट या खुदरा विक्रेताओं को बेचता है इसे हम किसानों को सीधे मार्केट से जोड़ने वाला स्टार्टआप कह सकते है निंजाकार्ट की शुरुआत वर्ष 2015 में 6 दोस्तों ने मिलकर की थी

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निंजाकार्ट एक एप्लिकेशन आधारित प्लेटफॉर्म है जो सब्जियों फलों जैसे आपूर्ति शृंखला से ताजा उत्पादों का ट्रैक रखता है और उनको बिना देरी किए किसान संग्रह केंद्र तक पहुंचने में सहायता करता है उत्पादों को संग्रह केंद्र में टोकरे में रखा जाता है क्रेटस में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलोग्य होती है जो की आइडेंटिफिकेशन को समय और डिलीवरी से जुडी पूरी जानकारी देती है 
हमारा मुख्य लक्ष यह की हमें किसानों के फल और सब्जियां सही कीमत पर खरीदनी चाहिए और इसका लाभ सीधा उपभोक्ताओं को देना चाहिए इसके अलावा हमारी कोशिश यह रहती है की हम ज्यादा से ज्यादा टेक्नीक का इस्तेमाल कर इस क्षेत्र की कमियों को पूरा करें ताकि सभी को कमाने और खाने का समान अवसर मिले