दूध गंगा योजना में सरकार किसानों को देगी 24 लाख रूपये तक का ऋण ,जानिए इसके बारे में

 
pic

देश में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही है आज भी जितनी देश में दूध की मांग है उतना दूध का उत्पादन नहीं हो पा रहा है पशुधन को समृद्ध बनाने को लेकर सरकार की तरफ से विभिन्न योजनाओं के द्वारा से किसानों को लाभ प्रदान किया जाता है इसके तहत किसानों को कम ब्याज पर लोन और सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है इस काम में नाबार्ड की अहम भूमिका होती है इसी बीच हिमाचल प्रदेश सरकार की तरफ से राज्य में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए दूध गंगा योजना शुरू की गई है इस स्किम के अंतर्गत 24 लाख का लोन दिया जाएगा 

pic
इस स्किम के तहत राज्य सरकार की और से सब्सिडी का लाभ राज्य के किसानों को प्रदान किया जाएगा यह सब्सिडी उत्तम नस्ल की गाय या भैंस खरीदने के लिए प्रदान की जाती है यह स्किम कई वर्षों से चल रही है इस स्किम के अंतर्गत डेयरी फार्मिंग में लगे सूक्ष्म उद्यमों को संगठित डेयरी व्यवसाय उद्यमों में बदलना है दूध गंगा परियोजना सितंबर 2010 में इस परियोजना में आर्थिक सहायता के स्वरूप में बदलाव किया गया था इसके बाद इसका नया नाम डेयरी एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट स्कीम रखा गया जिसमें ब्याज मुफ्त ऋण के बी दल छूट देने की व्यवस्था है 


गंगा स्किम का उद्देश्य 
स्वच्छ उत्पादन के लिए आधुनिक डेयरी फार्म तैयार करना 
उत्तम नस्ल के दुआरु पशुओं को तैयार करने तथा उनका संरक्षण हेतु बछड़ी पालन को प्रोत्साहन देना 
दूध उत्पादन के परम्परागत तरीकों को उन्नत कर व्यवसायिक स्तर पर लाना 
स्वरोजगार उत्पन्न करना तथा असंगठित डेरी क्षेत्र को मूलाधार सुविधा देना 
इस स्किम में अंतर्गत किसानों को 2 से 10 दुआरु पशुओं के लिए 5 लाख रूपये का ऋण प्रदान किया जाता है 
5 से 20 का बछड़ा पालन के लिए 4.80 लाख रूपये का ऋण मिल सकता है 
वर्मी कम्पोस्ट के 0.20 लाख का ऋण मिल सकता है 
दूध के देसी इकाइयां बनाने के लिए 12 लाख तक का ऋण मिल सकता है 
दूध और दूध उत्पादों के शीत भंडारण के लिए 30 लाख का ऋण मिल सकता है 
इस स्किम में सामान्य वर्ग के लिए 25 % तथा sc /st के पशुपालकों को ऋण पर 33.33 % सहायता अंत में समायोजित करने का प्रावधान है 

pic