Sant Premanand Maharaj: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज, जिनका जीवन भक्ति और साधना में समर्पित है, का स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया है। गुरुवार को उन्हें अपनी नियमित पदयात्रा पर निकलना था, परंतु स्वास्थ्य बिगड़ने की वजह से उन्होंने यात्रा में भाग नहीं लिया। उनके शिष्य, जो कई किलोमीटर से उनके दर्शन के लिए आए थे, को जब यह खबर मिली, उनमें गहरी निराशा और चिंता व्याप्त हो गई।
भक्तों का इंतजार और आश्रम की सूचना
संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा के लिए सड़क किनारे उनके भक्त घंटों से इंतजार कर रहे थे। उम्मीद थी कि महाराज जी उन्हें दर्शन देंगे और उनके साथ कुछ समय व्यतीत करेंगे। लेकिन, रात गहराते ही आश्रम से एक व्यक्ति ने माइक पर घोषणा की कि संत जी की तबियत ठीक नहीं है और वे आज पदयात्रा में शामिल नहीं हो सकेंगे। इस सूचना ने वहाँ मौजूद भक्तों को भावुक कर दिया और कईयों की आँखों में आंसू आ गए।
भक्तों की प्रार्थना और संत की स्थिति
इस खबर के बाद, आश्रम के प्रांगण में मौजूद भक्तों ने संत प्रेमानंद महाराज के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना की। उनके चेहरों पर चिंता साफ नजर आ रही थी। आश्रम के सदस्यों ने भी संत की सेवा में कोई कमी नहीं रखी और डॉक्टरों की एक टीम लगातार उनकी देखभाल में जुटी रही।
संत प्रेमानंद की पदयात्रा का आगाज़
अगले दिन सुबह, संत प्रेमानंद महाराज की तबियत में सुधार हुआ और वे पदयात्रा के लिए निकल पड़े। इस खबर से उनके भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई। सुबह के समय सड़क किनारे भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी और सभी ने उनके दर्शन किए। यह दृश्य देखकर ऐसा लग रहा था मानो पूरा वातावरण भक्ति भाव से भर गया हो।