Sarso : सरसों की खेती किसानों के लिए मुनाफेदार फसल होती है, लेकिन अब हर चीज में मिलावट मिलती है। बहुत सी खबरें आती है कि खाने पीने की चीजों में मिलावट होती है। अब इसी बीच सरसों के नाम पर मिट्टी की मिलावट को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसके अनुसार गोदाम में मिट्टी के दाने वाली सरसों (Sarso Scam) पाई गई है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं इस बारे में।
अब इन दिनों सरसों में मिलावट को लेकर कई खबरें सामने आ रही है। पाया गया है कि गोदाम में रखी सरसों को जब पानी में डाला गया तो वह कुछ ही समय में घुल गई। इसके साथ ही गोदाम में मिट्टी के दाने भी मिलेग। अब इन चीजों के चलते सरसों की गुणवत्ता पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं कि सरसों (MP mustard scam) को लेकर क्या घोटालेबाजी चल रही है।
एमपी में हुई सरसों की खरीद में मिलावट
दरअसल, आपको बता दें कि एमपी में सरसों की सरकारी खरीद (Government procurement of mustard in MP) में मिट्टी की मिलावट का एक बड़ा घोटाला आया है। घोटालेबाजों ने सरसों में मिट्टी की मिलावट की है और नीलामी के बाद खरीददारो ने सरसों को पानी में डाला तो पता चला कि ये मिट्टी थी। जैसे ही इसकी शिकायत आई तो अधिकारियों ने मामले क जांच के दौरान इस घोटाले का खुलासा किया और अब खरीद प्रोसेस से जुड़े पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई और अब इस मामले के बारे में पुलिस जांच कर रही है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हुई सरसों की खरीदी
बता दें कि रबी सीजन 2024-25 (Rabi season 2024-25) में नेफेड ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर सरसों की खरीदी की थी। इस दौरान सागर जिले की रहली मंडी में सहकारी समिति खैराना और छिरारी की ओर से 8950 क्विंटल सरसों की खरीदी की गई थी, जिसे एमपी स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन रहली के गोदाम नंबर 10 में रखा गया। इस दौरान समितियों की ओर से खरीद के समय बोरी पर किसान कोड अंकित नहीं किया।
किस कंपनी को की गई सरसों की सेल
सरसों की गुणवत्ता और भंडारण (Quality and storage of mustard) के टेस्टिंग करने वाले सर्वेयर ने संतुष्टिदायक रिपोर्ट लगाई थी। नेफेड की पब्लिक ऑक्शन के बाद यह सरसों छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की फर्म शिवशक्ति सागर ट्रेडिंग कंपनी को सेल कर दी गई और जैसे ही माल उठाया गया तो खरीद फर्म ने नेफेड को शिकायत दर्ज की कि सरसों के कुछ बोरें ऐसे पाए गए हैं, जिसमें मिट्टी से बनी सरसों की 30 से 40 प्रतिशत मिलावट देखी गई है।
शिकायतों के बाद जो अधिककारी नेफेड के भोपाल से पहुंचे हैं, उन्होंने रहली के गोदाम (Rehli mandi fraud) का सर्वेंक्षण किया है और वहां से 8693 क्विंटल सरसों की सेल की गई है और 257 क्विंटल सरसों अभी रखी थी। जब सरसों की जांच की गई तो जांच के दौरान अधिकारियों ने बोरों से मुट्ठी भर सरसों निकालकर पानी में डाला तो सरसों पानी में घूल गई। लेबोरेटरी टेस्ट में भी मिट्टी मिलाने की कन्फर्मशन मिला है।
किनके खिलाफ दर्ज हुई FIR
सरसों की इस खरीदी प्रोसेस में जो नेफेड के स्थानीय सहयोगी रहे हैं, उनको मार्कफेड के तत्कालीन एमडी का कहना है कि उन्हें इस अनियमितता का पा नहीं है। जांच के दौरान नेफेड (NAFED scam) के उप प्रबंधक की शिकायत पर खरीद, सर्वे और भंडारण से जुड़े 5 लोगों पर एफआईआर रिपोर्ट की गई है।
इस दौरान जिन पर धोखाधड़ी, खाद्य पदार्थों में मिलावट का मामला दर्ज (NAFED scam) किया है। उनमे विजय कुमार जैन, केंद्र संचालक, सेवा सहकारी समिती छिरारी, नेशनल कमोडिटी मैनेजमेंट सर्विसेज, पुष्पेंद्र साहू, सर्वेयर, जगदीश लोधी, केंद्र संचालक, सेवा सहकारी समिति उपकेंद्र खैराना, अभिषेक दुबे, सर्वेयर, नेशनल कमोडिटी मैनेजमेंट सर्विसेज व वर्षा तोमर, तत्कालीन शाखा प्रबंधक वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन का नाम शामिल है।
कितनी हुई थी सरसों की सरकारी खरीद
वैसे तो पहले ही नेफेड ने पहले ही सरकारी गोदाम को सील (government warehouse sealed) कर दिया है। सागर में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी का कहना है कि अभी पुलिस आरोपितों की तलाश में हैं। अगर आंकड़ें देखें तो बीते वर्ष 2024-25 में सरसों की सरकारी खरीद (Government procurement of mustard in 2024-25) 5,450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की गई थी। इस दौरान रहली में जो 8950 क्विंटल सरसों की खरीदी गई और इसमे सरसों के 35-40 प्रतिशत हिस्से में मिलावट की प्रारंभिक जांच में मिलावट की आंशका है।
घोटाले से सरकार को लगता इतना चूना
घोटालेबाजों की ओर से तकरीबन 1,566.25 क्विंटल मिट्टी सरसों के रूप में सेल (Sale as mustard) कर दी है। देखा जाए तो सरकार को इस घोटाले से 8 करोड़ 54 लाख रुपये का चूना लगा है और आसार है कि प्रदेश के कई इलाके में कारोबारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से समर्थन मूल्य पर खरीदी के चलते ऐसे घोटाले हो रहे हैं, जिस वजह से अब इन घोटालो (Mustard procurement fraud) के चलते जांच का दायरा भी बढ़ जाएगा।
