sarso mandi bhav : सरसों की कीमतों में एक बार फिर तेजी लौट आई है। आज सरसों का बाजार 150 रुपये क्विंटल तक तेज रहा है। देश की लगभग सभी मंडियों में सरसों का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (Sarso MSP) से ऊपर कारोबार करता नजर आया है। बाजार जानकारों का कहना है कि मौजूदा समय में बाजार में जो स्थिति बनी हुई है उसे देखते हुए लग रहा है कि आने वाले दिनों में और भी तेजी देखने को मिल सकती है। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं इस बार सरसों में इतनी तेजी क्यों आ रही है और आज का ताजा रेट क्या है।
मार्च महीने के इस हफ्ते में बाजारों में नई सरसों की आवक सबसे ज्यादा होती है। हर साल इन दिनों में मंडियों में सरसों पहुंचने शुरू हो जाती है और आवक पहले 10 लाख बोरी और फिर आगे 15 लाख बोरी के पार निकल जाती है। इस समय बाजार करवट बदलता है और बढ़ती आवक के दबाव में भाव तेजी से गिरते हैं। लेकिन इस बार कहानी कुछ ओर है। सरसों की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। इस समय देश की लगभग सभी मंडियों में भाव MSP से ऊपर चल रहा है।
सरसों बाजार में आई तेजी –
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव ने तेल तिलहन के बाजारों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बाजार इस समय अपनी सामान्य चाल नहीं चल रहा है। जिस तरह क्रूड तेल 30% तेज हुआ है उसे देखते हुए सरसों का बाजार आज 100-150 रुपये तेज खुला है। बता दें कि इस साल मार्च की शुरुआत में सरसों का स्टॉक पिछले साल के मुकाबले लगभग आधा है।
अगर माल कम है तो नई आवक के दबाव में गिरावट भी ज्यादा बड़ी नहीं होगी। दूसरी तरफ तेल (mustard oil) बाजार भी सरसों को सहारा दे रहा है। इस समय सरसों तेल, सोया तेल और पाम तेल के भाव (Palm oil prices) लगभग एक ही दायरे में चल रहे हैं। तीनों तेल लगभग 1320 से 1340 रुपये प्रति 10 किलो की रेंज में हैं। जब तेलों में ज्यादा अंतर नहीं होता तो मांग सरसों तेल की तरफ खिसकती रहती है और ऐसे में सरसों में तेजी देखने को मिलती है।
आज सरसों का ताजा भाव –
आज 11 मार्च 2026 को जयपुर में सरसों की कीमत (Sarso ka Rate) लगभग 6750 रुपये प्रति क्विंटल रही है, भरतपुर में 6150, चरखी दादरी में लगभग 6650 और दिल्ली में करीब 6500 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं सलोनी प्लांट पर भाव 7225 के स्तर पर चल रहे हैं। युद्ध के चलते विदेशी बाजारों में क्रूड पेट्रोलियम तेल की तेजी, खाद्य तेलों में सोया और पाम तेल में चल रही मजबूती से घरेलू बाजार को अतिरिक्त सहारा मिल रहा है।
बीते कुछ सालों के आंकड़े पर नजर डालें तो 2023 में MSP (Sarso MSP) 5450 था और बॉटम करीब 5050 बना, 2024 में MSP 5650 और बॉटम लगभग 5350 रहा, जबकि 2025 में MSP 5950 और बॉटम 6025 के आसपास बना था। अब 2026 के लिए MSP 250 रुपये बढ़ाकर 6200 तय किया गया है और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा लगता है कि इस साल सरसों की कीमतें 6500 रुपये क्विंटल से ऊपर कारोबार करेंगी।
बना रहेगा आवक का दबाव –
बाजार जानकारों का कहना है कि अगले दो सप्ताह तक आवक का दबाव बना रहेगा, क्योंकि उत्पादन इस साल अच्छा माना जा रहा है आने वाले दिनों में मंडियों (Taja Mandi Bhav) में माल और बढ़ेगा। कुल मिलाकर इस समय बाजारों पर युद्ध के कारण ऊपर की तरफ और आवक बढ़ने की वजह से नीचे फोर्स लग रही है। दोनों फोर्स का ओवर ऑल रिजल्ट यह है कि तेलों की तेजी बाजार को एक बार तो 100-150 ऊपर जरूर लेकर जाएगी , लेकिन यहाँ से बहुत बड़ी उठापटक की संभावना दिख रही है।
