लगातार हो रही भारी बारिश और कई इलाकों में बाढ़ की गंभीर स्थिति के मद्देनज़र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अगले 16 दिनों तक सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इस अवधि में ऑफलाइन क्लासेस पूरी तरह स्थगित रहेंगी और शिक्षा विभाग ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था सक्रिय करने में जुट गया है।
बारिश से बिगड़े हालात, जनजीवन अस्त-व्यस्त
पिछले कई दिनों से देश के विभिन्न राज्यों में लगातार भारी बारिश हो रही है।
- कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव
- पुल और रास्ते क्षतिग्रस्त
- वाहन संचालन बाधित
- बिजली और नेटवर्क सेवाएं प्रभावित
इन खतरनाक परिस्थितियों को देखते हुए स्कूलों का खुला रहना छात्रों और शिक्षकों के लिए जोखिम भरा था। इसलिए प्रशासन ने तुरंत कदम उठाते हुए सभी शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया।
शिक्षा विभाग की ओर से त्वरित निर्देश
अचानक बिगड़े मौसम और राहत कार्यों में हो रही दिक्कतों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कहा:
- ऑफलाइन कक्षाएं तुरंत बंद की जाएं
- किसी भी प्रकार की गतिविधि स्कूल परिसर में न हो
- जहां परीक्षाएं चल रही थीं, वहां उन्हें अगली सूचना तक स्थगित किया जाए
अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी अकादमिक कार्यक्रम से अधिक महत्वपूर्ण छात्रों की सुरक्षा है।
कौन-कौन से क्षेत्रों में लागू हुआ आदेश?
यह निर्णय उन जिलों में लागू किया गया है जहां बारिश और बाढ़ का असर सबसे अधिक देखा गया है।
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों की सूची साझा करते हुए निर्देश दिया है कि:
- पहले से खुले स्कूल भी तुरंत बंद किए जाएं
- 16 दिनों तक सभी संस्थान ऑफलाइन मोड में बंद रहेंगे
- स्थिति स्थिर होने पर ही स्कूल दोबारा खोले जाएंगे
ऑनलाइन पढ़ाई से जारी रहेगी शिक्षा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्कूल भले ही बंद रहें, लेकिन पढ़ाई नहीं रुकेगी। इसके लिए:
- शिक्षकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पढ़ाने के निर्देश
- छात्रों को असाइनमेंट और नोट्स ऑनलाइन भेजे जाएंगे
- विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने की संभावनाओं पर विचार
टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कक्षाओं को बिना रुकावट जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।
परीक्षाओं का नया शेड्यूल बाद में जारी होगा
जहां परीक्षाएं चल रही थीं, उन्हें फिलहाल टाल दिया गया है।
नई डेट शीट:
- मौसम सुधरने के बाद
- बाढ़ की स्थिति सामान्य होने पर
- प्रशासनिक समीक्षा के बाद जारी की जाएगी
साथ ही, राहत और बहाली कार्यों को तेज गति से जारी रखा गया है, जैसे—सड़क मरम्मत, बिजली बहाली और जल निकासी।
संदेश साफ: ‘पहले सुरक्षा, फिर पढ़ाई’
इस निर्णय से यह स्पष्ट हो जाता है कि किसी भी संकट की स्थिति में सरकार छात्रों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करती।
शिक्षा कुछ दिनों के लिए रोकी जा सकती है, लेकिन जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है।
जैसे ही मौसम सामान्य होगा और हालात सुरक्षित माने जाएंगे, स्कूल-कॉलेज फिर से अपनी नियमित गतिविधियों में लौट आएंगे।
