Gold Silver Price Crash Today: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया बयान के बाद सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर बढ़ती चिंता और अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने भारी बिकवाली शुरू कर दी, जिससे दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया।
शेयर बाजार संभला, लेकिन गोल्ड-सिल्वर क्यों गिरे?
ट्रंप के बयान के बाद भारतीय शेयर बाजार में शुरुआत में बड़ी गिरावट देखी गई थी, लेकिन दिन के अंत तक रिकवरी हो गई और सेंसेक्स करीब 185 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ।
हालांकि, इसके उलट सोने और चांदी के बाजार में गिरावट जारी रही, जिसने निवेशकों को चौंका दिया।
चांदी में 8% की बड़ी गिरावट
- चांदी की कीमत करीब 8% गिरकर ₹2,24,500 प्रति किलो पर आ गई
- इसमें लगभग ₹19,000 प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई
यह हालिया समय की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
सोना भी टूटा, MCX पर भारी गिरावट
- मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना करीब 4% गिरा
- कीमत घटकर ₹1,47,100 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई
इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों को हैरान कर दिया, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर तनाव बना हुआ है।
रिकॉर्ड हाई से कितने नीचे आए दाम?
इस साल 29 जनवरी को सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर छुए थे:
- चांदी: ₹4,25,000 प्रति किलो
- सोना: ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम
वर्तमान कीमतों की तुलना में:
- चांदी करीब ₹2 लाख सस्ती हो चुकी है
- सोना करीब ₹45,000 नीचे आ चुका है
फिर भी निवेशकों को मिला शानदार रिटर्न
हालिया गिरावट के बावजूद लंबे समय में इन धातुओं ने मजबूत रिटर्न दिया है:
- सोना: पिछले 1 साल में 70% से ज्यादा रिटर्न
- चांदी: करीब दोगुनी कीमत
अब सिर्फ पारंपरिक निवेशक ही नहीं, बल्कि युवा भी अपने पोर्टफोलियो में सोना-चांदी को शामिल कर रहे हैं।
गिरावट के पीछे क्या वजहें हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी में गिरावट के मुख्य कारण हैं:
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखना
- महंगाई को लेकर बढ़ती चिंता
- निवेशकों की मुनाफावसूली
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
चांदी की बढ़ती मांग
दिलचस्प बात यह है कि चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड लगातार बढ़ रही है:
- इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री
- सोलर पैनल
- ग्रीन एनर्जी सेक्टर
इन सेक्टर्स में बढ़ती खपत चांदी की कीमतों को लंबे समय में सपोर्ट दे सकती है।
निष्कर्ष
फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही भारी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहे हैं। शॉर्ट टर्म में गिरावट के बावजूद लॉन्ग टर्म में ये निवेश के मजबूत विकल्प बने हुए हैं। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की दिशा और वैश्विक संकेतों को समझना बेहद जरूरी है।
