Gold Price : सोने की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। साल 2025 में सोने ने 75 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। सोना 75 हजार रुपय प्रति दस ग्राम से सीधा 1 लाख 35 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा पहुंचा है। नए साल की शुरूआत भी तेजी के साथ हुई है। भविष्य में सोने के रेट कहां तक जाएंगे। इसको लेकर एक्सपर्ट ने एक रिपोर्ट तैयार की है। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं –
सोने की बढ़ती कीमतों ने सभी के होश उड़ा दिये हैं। आए दिन सोने के रेट हाईलेवल पर पहुंच रहे हैं। पिछले एक साल में सोना 75 हजार रुपये तोले से सीधा 1 लाख 35 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर जा पहुंचा है। इससे निवेशकों को खूब लाभ हुआ है तो वहीं खरीदारों की चिंता बढ़ती जा रही है। सोने की कीमतों में तेजी का दौर अभी जारी है। हालांकि, बीच में एक दो बार हल्की गिरावट देखने को मिली है। लेकिन रेट फिर भी सातवें आसमान पर बने हुए हैं।
पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा रेट –
जिस तरह से सोने में रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखने को मिल रही है। ऐसे में एक्सपर्ट अंदाजा लगा रहे हैं कि आने वाले दिनों में सोने का रेट लंबी छलांग लगा सकता है। सोने ने साल 2025 में 75 प्रतशत का रिटर्न दिया है तो वहीं चांदी ने 165 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। यह रिटर्न पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा है।
इस साल भी दोनों के अपनी स्पीड को बरकरार रखने के उम्मीद है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फिलहाल जो उथल-पुथल मची हुई है, वो सोने-चांदी में तेजी के लिए अनुकूल माहौल है।ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने व चांदी की कीमतों (Gold future rate) में चमक बनी रहेगी।
2026 में कहां तक जाएगा सोने का रेट?
एचएसबीसी रिसर्च ने भी साल 2026 में सोने की कीमतों में तेजी रहने का अनुमान जताया है। HSBC का मानना है कि साल 2026 के पहले छह महीनों (Gold future rate) में ही सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े को पार कर सकता है।
फिलहाल अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गोल्ड 4,471 डॉलर प्रति औंस के आसपास करोबार कर रहा है। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में कीमतों में तूफानी तेजी आ सकती है। HSBC को उम्मीद है कि सोने की कीमतों में पिछले साल दिखाई दिया मोमेंटम 2026 में भी जारी रहेगा। हालांकि, हल्की गिरावट देखने को मिलेगी।
सोने में तेजी के पीछे ये है वजह –
HSBC का कहना है कि गोल्ड की कीमतों (Sone bhav) में यह रैली सेफ-हेवन फ्लो और रिस्क-ऑफ पोजीशनिंग के मज़बूत मिश्रण से चल रही है। कमजोर अमेरिकी डॉलर, पॉलिसी में अनिश्चितता और बढ़ते फिस्कल घाटे को लेकर चिंता निवेशकों को गोल्ड खरीदने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक जोखिम भी सोने की कीमतों को सपोर्ट कर रहा है। यूक्रेन में चल रहा संघर्ष, मिडिल ईस्ट में तनाव, अमेरिका-चीन की प्रतिद्वंद्विता और वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले से बुलियन मार्केट में तेजी देखने को मिल रही है। माना जा रहा है कि अगर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी और खबरें मिलती हैं, तो गोल्ड-सिल्वर प्राइस (Gold Silver Price) अधिक तेजी से चढ़ सकते हैं।
सोने में निवेशको करने वाले को फायदा होगा या नुकसान?
केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद की जा रही है जिसकी वजह से सोने (Gold Rate) की डिमांड बढ़ने से रेट तेजी से बढ़ रहे हैं। चीन जैसे देश फिर से अपना गोल्ड भंडार भरने में लगे हैं। हालांकि, HSBC का मानना है कि 2022 और 2024 के बीच हुई खरीदारी की तुलना में इस साल का आंकड़ा कुछ कम रह सकता है। क्योंकि ऊंची कीमतों से खरीदारी की इच्छा अक्सर कम हो जाती है।
HSBC के अनुसार, ऑपरेशनल चुनौतियों के बावजूद 2026-27 में सोने (Sone ka rate) की खदानों से उत्पादन बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, रीसाइक्लिंग में भी तेजी आ सकती है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि अगर एचएसबीसी के अनुमान के मुताबिक गोल्ड उत्पादन बढ़ता है, तो फिर आगे कीमतों में नरमी भी देखने को मिल सकती है। यह सोने में निवेश करने वालों के लिए एक मौका हो सकता है।
आज कहां पहुंचा सोने का रेट?
आज यानी 10 जनवरी को सोने व चांदी की कीमतों (Gold Silver Rate) में बंपर तेजी देखने को मिली है। MCX पर आज 24 कैरेट सोने का रेट 1,38,419 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
वहीं, चांदी का रेट 2,48,447 रुपए प्रति किलोग्राम चल रहा है। सोने और चांदी की कीमतों (Sone Chandi ka Bhav) में इस साल गिरावट भी देखने को मिली है। लेकिन फिलहाल दोनों कीमती धातुओं के रेट हाई पर चल रहे हैं। चांदी के बढ़ते इस्तेमाल और चीन द्वारा निर्यात को सीमित करने की कोशिशों के चलते कीमतों में उछाल की संभावना कायम है।
