Success Story : खेती का चलन दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। आजकल कई लोग खेती करके मोटा पैसा कमा रहे हैं। हम आपको बताने जा रहे हैं 49 साल के एक व्यक्ति की कहानी जिसने अपने 20 साल के कॉर्पोरेट करियर को छोड़कर खेती की शुरुआत की और अब इसी के सहारे करोड़ की कंपनी खड़ी कर दी।
भारतीय एक कृषि प्रधान देश है जिसमें आज कई लोग खेती करके काफी ज्यादा पैसा कमा रहे हैं। आजकल पढ़े-लिखें लोग भी खेती करने की ओर भाग रहे हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही किसान के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने ऑर्गेनिक खेती की शुरुआत करके करोड़ों की कंपनी खड़ी कर दी है।
हम बात कर रहे है 49 साल के दीपक सभरवाल की जिसने 2017 में अपने 20 साल के कॉर्पोरेट करियर को छोड़ दिया था और ऑर्गेनिक खेती (Organic farming) करने का रास्ता चूज किया। दिसंबर 2018 में दीपक सभरवाल ने अपनी कंपनी को रजिस्टर किया और आज यह कंपनी करोड़ों रुपए का टर्नओवर दे रही है। सबसे खास बात तो यह है कि दीपक सभरवाल ने कभी खेती नहीं की थी और इसके बावजूद भी खेती के सहारे इतना सब कुछ हासिल कर लिया।
दीपक सभरवाल की पढ़ाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पता चला है कि दीपक (Deepak Sabharwal) ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम, ICMA और MBA की डिग्री प्राप्त की और इसके बाद दीपक ने पेप्सी, टाटा और जनरल इलेक्ट्रिक जैसी बड़ी कंपनियों में लंबे समय तक काम किया। नियति ने दीपक को कॉरपोरेट से दूर, पुष्कर की पहाड़ियों में ले जाकर ऑर्गेनिक खेती करने का मौका दिया। उन्होंने वहां अपनी खेती में ऑर्गेनिक तरीकों को अपनाया और एक नई शुरुआत की।
अर्थी टेल्स ऑर्गेनिक फर्म
दीपक ने कॉरपोरेट जॉब छोड़कर अपनी फर्म अर्थी टेल्स ऑर्गेनिक (Earthy Tales Organic Farm) शुरू की, जो केमिकल मुक्त खेती और प्रोसेसिंग पर फोकस करती है। दीपक सभरवाल इसके संस्थापक और सीईओ हैं। दरअसल, दीपक को कॉर्पोरेट लाइफ रास नहीं आ रही थी और वे अपना वीकेंड पुष्कर के खेतों में बिताना पसंद करते थे।
दीपक के लिए वो पल आंखें खोलने वाला था, जब उन्होंने खेत में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक पर ‘जहर’ लिखा देखा। उन्हें समझ आ गया कि यह जहर मिट्टी से होते हुए हमारी थाली तक पहुंच रहा है। उस वक्त उनकी मां कैंसर से जूझ रही थीं, और दीपक ने तय कर लिया कि अब ऑर्गेनिक खेती (Deepak Sabharwal Success Story) ही करेंगे और दीपक सभरवाल ने पुष्कर में ऑर्गेनिक खेती शुरू कर दी।
पुष्कर में जैविक खेती
2018 में दीपक ने पुष्कर में अर्थी टेल्स की शुरुआत की, जो मोरिंगा, आंवला, नींबू और चीकू जैसी फसलें उगाती है। कंपनी हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के किसानों से भी ऑर्गेनिक उपज खरीदती है और बिचौलियों को हटाकर किसानों को 15-20% ज्यादा कीमत देती है।
दीपक सभरवाल की कंपनी में आज 50% महिलाएं काम करती हैं और वे दिल्ली-NCR में 500 परिवारों और पूरे भारत में 10,000 लोगों तक जैविक उत्पाद पहुंचा रहे हैं। दीपक का मानना है कि जैविक खेती मिट्टी, पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए जरूरी है और दीपक सभरवाल द्वारा पाई गई यह सफलता (Success Story Of Deepak Sabharwal) लोगों को प्रेरणा देती है कि जब हम किसी चीज को करने की ठान लेते हैं और सच्चे मन से उसमें लग जाते हैं तो वह हासिल हो ही जाती हैं। दीपक सभरवाल ने अपनी मेहनत और अच्छे मकसद से अपनी जिंदगी में सफलता हासिल की है।
इनकी कंपनी का टर्नओवर
दीपक सभरवाल की कंपनी अर्थी टेल्स का वित्त वर्ष 2024-25 में टर्नओवर 4.44 करोड़ रुपये रहा और इस साल 7-8 करोड़ रुपये की कमाई बढ़ने की संभावना है। इनकी कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में 135 से ज्यादा आइटम हैं, जिनमें फल-सब्जियां, बाजरा, दालें, तेल और बेकरी उत्पाद शामिल हैं।
