Top Government School: आजकल हर माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक बेहतर भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की तलाश में रहते हैं. अक्सर ये तलाश प्राइवेट स्कूलों पर जाकर रुकती है. क्योंकि उनकी चमक-दमक और सुविधाएं ध्यान खींचती हैं. लेकिन प्राइवेट स्कूलों की सबसे बड़ी चुनौती होती है – महंगी फीस. हर परिवार इतनी बड़ी रकम खर्च कर पाने में सक्षम नहीं होता. ऐसे में सरकारी स्कूलों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. जबकि कुछ सरकारी स्कूल, निजी स्कूलों से भी कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं.
सरकारी स्कूल जिसने मचा दिया है धमाल
अगर आप सोचते हैं कि केवल प्राइवेट स्कूल ही बेहतर रिजल्ट दे सकते हैं, तो जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) की हालिया उपलब्धियां आपको चौंका सकती हैं. देशभर में फैले 650 नवोदय विद्यालयों ने CBSE बोर्ड परीक्षाओं 2024 में अपनी काबिलियत का जबरदस्त प्रदर्शन किया है.
रिजल्ट में नवोदय ने केंद्रीय विद्यालय को भी पछाड़ा
इस साल की CBSE बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षाओं में नवोदय विद्यालयों का प्रदर्शन केंद्रीय विद्यालयों से बेहतर रहा है. कक्षा 12वीं में 99.29% छात्र पास हुए. जबकि 10वीं कक्षा में यह आंकड़ा 99.49% तक पहुंच गया. तुलना करें तो साल 2024 में नवोदय का कुल रिजल्ट 98.90% था, जो अब और भी बेहतर हो गया है. ऐसे आंकड़े बताते हैं कि नवोदय जैसे सरकारी स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता और अनुशासन किसी भी बड़े निजी संस्थान से कम नहीं है.
नवोदय में पढ़ाई ही नहीं, अनुशासन भी खास
जवाहर नवोदय विद्यालय को उसकी अनुशासित शिक्षा प्रणाली और रिजल्ट ओरिएंटेड पढ़ाई के लिए जाना जाता है. यहां बच्चों की समग्र विकास पर खास ध्यान दिया जाता है. जिसमें शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक विकास भी शामिल है. यही कारण है कि यहां के छात्र हर क्षेत्र में आगे निकलते हैं.
जानें नवोदय में कैसे मिलता है दाखिला
अगर आप अपने बच्चे को नवोदय विद्यालय में पढ़ाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. कक्षा 6, 9 और 11वीं में एडमिशन के लिए JNVST (Jawahar Navodaya Vidyalaya Selection Test) पास करना अनिवार्य होता है. यह प्रवेश परीक्षा देशभर में होती है और ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी छात्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है. यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट-बेस्ड होती है.
देशभर में फैला है नवोदय का नेटवर्क
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि देश के लगभग हर जिले में एक नवोदय विद्यालय मौजूद है. कुल मिलाकर, भारत में 650 से ज्यादा नवोदय विद्यालय हैं. ये स्कूल मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत संचालित होते हैं और इनका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के मेधावी बच्चों को मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है.
प्राइवेट स्कूल नहीं, नवोदय है असली विकल्प
इस दौर में जब शिक्षा को एक महंगा सौदा बना दिया गया है. ऐसे में जवाहर नवोदय विद्यालय जैसे संस्थान, हर माता-पिता के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं. यहां ना सिर्फ शिक्षा का स्तर ऊंचा है, बल्कि आवासीय सुविधा, भोजन, पाठ्यपुस्तकें और अन्य जरूरी सुविधाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं.
बच्चों का भविष्य संवारने का सुनहरा मौका
यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा एक बेहतर स्कूल वातावरण, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आगे बढ़े, तो नवोदय विद्यालय आपके लिए सबसे सही विकल्प हो सकता है. इसका एडमिशन टेस्ट पूरी तरह मेरिट आधारित है, जिससे आप निश्चिंत रह सकते हैं कि योग्य बच्चों को ही स्थान मिलता है.
