UP News : उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों को योगी आदित्यनाथ सरकार का एक और तोहफा मिल रहा है। कर्मचारियों को सैलरी (Salary Hike) बढ़ोतरी के साथ-साथ उनके आवास के लिए रुपए भी सरकार से मिलेंगे। सरकार की ओर से कर्मचारियों के लिए यह बड़ी सौगात होगी। आज के समय में हर किसी का अपना घर बनाने का सपना है जिसको अब सरकार साकार करवाएगी।
उत्तर प्रदेश में कर्मचारियों की सैलरी में जल्द बढ़ोतरी होने वाली है। उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। कर्मचारियों को सैलरी बढ़ोतरी के साथ-साथ अब घर बनाने के लिए रुपए भी मिलेंगे।
1 जुलाई 2025 से बढ़ेगी सैलरी
उत्तर प्रदेश में कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के तहत 1 जुलाई 2025 से नए संशोधित महंगाई भत्ते को लागू किया जाएगा। संशोधित महंगाई भत्ते (DA Hike UP) से कर्मचारियों की सैलरी में 3% तक का इजाफा होने की उम्मीद है।
यह इजाफा कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर होगा। कर्मचारियों का हाउस रेंट अलाउंस और ट्रैवल एलाउंस भी बढ़ेगा।
प्रदेश के आठ लाख कर्मचारियों को होगा लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारियों को घर बनाने के लिए सहारा दिया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश के 8 लाख सरकारी कर्मचारियों (UP employees Salary) को लाभ होगा और लोगों का अपना घर बनाने का सपना पूरा होगा। सरकार की ओर से कर्मचारियों के लिए यह एक बहुत बड़ी सौगात है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने घर खरीदने या बनाने के लिए यह योजना शुरू की है।
दिया जाएगा हाउस लोन
सरकार (UP Govt) की ओर से सरकारी कर्मचारियों को घर बनाने और खरीदने के लिए 25 लाख रुपए तक का लोन दिया जाएगा। इसमें ब्याज काफी कम होगा और कर्मचारियों को काफी लाभ होगा। जहां साधारण बैंकों में कर्मचारियों को महंगे ब्याज दरों पर लोन मिलता है और सस्ता लोन मिलेगा।
कितनी होगी ब्याज दर
उत्तर प्रदेश में सरकार की ओर से प्रावधान किया गया है कि कर्मचारी घर खरीदने बनाने के लिए 50 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं। जिस पर 7.5% की ब्याज (Govt Loan Intrest) दर दी जाएगी।
यह सभी तरह के सरकारी कर्मचारियों को दिया जाएगा। इससे पहले इस लोन की मात्रा पहले 7.50 लाख रुपए थे। अब इसे 3 गुना तक बढ़ा दिया गया है। सरकार की सुविधा का लाभ सिर्फ उन कर्मचारियों को मिलेगा जो न्यूनतम 5 साल तक लगातार ड्यूटी पूरी कर लेंगे।
कितने दिन में चुकाना होगा लोन
होम लोन (UP Govt employee home loan) की राशि देने के लिए तीन मानक तय किए गए हैं जो कम होगा वही मान्य होगा। पहला पैमाना सरकारी कर्मचारी 34 महीने का मूल वेतन, दूसरा पैमाना 25 लाख रुपए, तीसरा होगा भवन की वास्तविक कीमत। लोन का पैसा अधिकतम 20 साल में वसूला जाएगा।
नए नियम के मुताबिक घर के लिए लोन (Home loan UP) लिया जाएगा, जिसकी कीमत कर्मचारियों के मूल वेतन के 139 गुना या अधिकतम 1 करोड रुपए ही हो सकती है। इस सीमा में अधिकतम 24% तक की वृद्धि को अनुमति दी गई है। कर्मचारियों को बेहतर और बड़े मकान खरीदने व बनाने का विकल्प मिलेगा।
घर की मरम्मत के लिए भी मिलेगा पैसा
कर्मचारियों को केवल घर खरीदने के लिए ही नहीं घर की मरम्मत के लिए भी पैसा मिलेगा। इसके लिए राशि कर्मचारियों (Employees Salary Hike) को उपलब्ध कराई जाएगी। भवन की मरम्मत्त व विस्तार के लिए 10 लाख रुपए का लोन लिया जा सकेगा।
इस राशि को ब्याज के साथ अधिकतम 10 साल में चुकाना होगा। इस सुविधा का लाभ और कर्मचारियों को मिलेगा जो पहले से अपने घर के मालिक हैं लेकिन घर का नक्शा सुधारना चाहते हैं।