UP News – यूपी के 14 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत ये कहा जा रहा है कि कर्मचारियों की सैलरी में इतना इजाफा होना तय है… जारी इस अपडेट से जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें-
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने 13 कर्मचारी संगठनों से सुझाव मांगे हैं, ताकि आयोग का गठन किया जा सके। यह खबर राज्य के लाखों कर्मचारियों के लिए खुशी लेकर आई है। केंद्र सरकार ने भी 16 जनवरी को केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग को मंजूरी दी थी, जिसकी सिफारिशें 2026 से लागू होंगी। (employees news)
योगी सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th pay commission) के गठन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। यूपी सरकार ने 13 विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव मांगे हैं। इन संगठनों को गठन के लिए अपने सुझाव देने हैं। इन सुझावों को यूपी सरकार अब केंद्र सरकार (central government) को भेजेगी। अलग-अलग राज्यों से आए सलाह के आधार पर प्रदेशों में आठवें वेतन आयोग का गठन और कार्यक्षेत्र का दायरा तय होगा।
उत्तर प्रदेश सचिवालय के 13 संगठनों के अध्यक्षों में शिवगोपाल सिंह, अर्जुन देव भारती, और हरिकिशोर तिवारी जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। इन संगठनों ने केंद्र सरकार के वेतन वृद्धि के कदम का स्वागत किया है। सरकार के इस कदम से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से लाभ होगा। यह पहल कर्मचारियों के बीच सकारात्मकता ला रही है।
सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए केंद्र सरकार ने हाल ही में आठवें वेतन आयोग (8th pay commission latest update) के गठन को मंजूरी दी है। आयोग बनने के बाद इसके सदस्य सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशनर्स की पेंशन बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव तैयार करेंगे। वेतन और पेंशन (pension hike) बढाने के सिफारिशें आयोग की ओर से केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
मंजूरी मिलते ही, कर्मचारियों के वेतन (employees salary) में 33 से 35 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। उत्सुकता के कारण कई कर्मचारी और अधिकारी वेतन वृद्धि जानने के लिए विभिन्न वेबसाइटों पर जा रहे हैं। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग लाभ कमा रहे हैं, जबकि कुछ को नुकसान हो रहा है।
वेतन आयोग केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाला एक जरूरी संस्थागत तंत्र है जो लाखों कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और नौकरी संबंधी लाभों को निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाता है। देश की प्रशासनिक व्यवस्था के एक मुख्य घटक के रूप में आयोग समय-समय पर मौजूदा आर्थिक स्थितियों का मूल्यांकन करता है तथा सरकारी कर्मचारियों के लिए उचित वेतन सुनिश्चित करने के लिए वेतनमान में संशोधन की सिफारिश करता है
परंपरागत रूप से, केंद्रीय वेतन आयोग (central pay commission) हर 10 साल में केंद्र सरकार (central government) के कर्मचारियों के वेतनमान, भत्ते और लाभों में बदलाव की समीक्षा और सिफारिश करने के लिए स्थापित किए जाते हैं। ये आयोग मुद्रास्फीति और आर्थिक स्थितियों जैसे कारकों को ध्यान में रखते हैं।
28 फरवरी, 2014 को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से गठित 7वें वेतन आयोग ने 19 नवंबर, 2015 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसकी सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू की गईं। अब मोदी सरकार की ओर से भी आठवें वेतन आयोग (8th pay commission latest news) की घोषणा कर दी गई है।