UP – यूपी के 2.86 करोड़ किसानों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा। दरअसल आपको बता दें कि, प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों को खेती और कृषि से जुड़े कामों के लिए सस्ता लोन मिलेगा। सरकार की इस योजना के तहत किसानों को 6% ब्याज पर 6 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा-
प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों को खेती और कृषि से जुड़े कामों के लिए सस्ता लोन मिलेगा। इसके लिए सहकारिता विभाग अपने बैंकों के माध्यम से सीएम कृषक समृद्धि योजना शुरू कर रहा है। इस योजना के तहत किसानों को 6% ब्याज पर 6 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा। इससे किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी और वे अपनी खेती को और बेहतर बना सकेंगे।
यूपी में करीब 2.86 करोड़ किसान है। इसमें 78% सीमांत और और लगभग 14% छोटे किसान हैं। सीमांत किसान वे होते हैं, जिनके पास 1 हेक्टेअर से कम जमीन है। छोटे किसानों में उनकी गिनती होती है, जिनके पास 1 से 2 हेक्टेअर के बीच जमीन है। सरकार का फोकस इन किसानों की आर्थिक समृद्धि पर है, क्योंकि कुल किसानों में 92% भागीदारी इनकी ही है।
छोटी जोत होने के चलते परंपरागत खेती (traditional farming) से न इनकी जरूरतें पूरी हो पाती हैं और न ही जीवन स्तर में अपेक्षित सुधार हो पाता है। इसलिए कृषि का विविधीकरण और कृषि आधारित अन्य उद्योगों में इनको शिफ्ट किए जाने की जरूरत महसूस हो रही है। इसके लिए आर्थिक संसाधन जरूरी हैं। नए कार्यों के लिए किसान साहूकारों के शोषण का शिकार न हों, इसके लिए सहकारिता विभाग (Cooperative Department) ने वित्त पोषण की प्रक्रिया को सीएम कृषक समृद्धि योजना के जरिए और सहज बनाने की कवायद शुरू की है।
इसलिए, दीर्घकालीन कर्ज पर फोकस-
सहकारिता विभाग सहकारी ग्रामीण बैंकों (co-operative rural banks) के माध्यम से किसानों को 3% ब्याज पर अल्पकालीन ऋण उपलब्ध करा रहा है। इस योजना के तहत, केंद्र सरकार (central government) 3% और राज्य सरकार 4.70% ब्याज सब्सिडी देती है, जिससे किसानों पर ब्याज का बोझ कम होता है। इन ऋणों की अवधि आम तौर पर एक वर्ष होती है। एक अधिकारी के अनुसार, वर्तमान में, बैंकों के पास किसानों के लिए दीर्घकालीन ऋण की कोई योजना उपलब्ध नहीं है, जो एक महत्वपूर्ण कमी है।
अल्पकालीन कर्ज से स्थायी प्रॉजेक्ट (project) शुरू करने में समस्या होती है, क्योंकि किसानों पर कर्ज जल्द चुकाने का दबाव होता है। दीर्घकालीन लोन की धनराशि भी अधिक होती है और चुकाने की समयावधि भी। इससे किसानों के पास ज्यादा बेहतर अवसर होगा। इससे उनकी आय भी बढ़ेगी और आत्मनिर्भरता का लक्ष्य भी हासिल हो सकेगा। आर्थिक गतिविधियां (economic activites) बढ़ने से दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। योजना पर उच्च स्तर से सहमति बन गई है। जल्द इसकी प्रक्रिया तय करने इसे जमीन पर उतारा जाएगा।
5 साल में 4 लाख किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य-
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यूपी में किसानों को दीर्घकालीन ऋण प्रदान करने के लिए एक नई योजना प्रस्तावित है। इसके तहत, शुरुआती चरण में करीब 5 लाख किसानों को 6% ब्याज पर कर्ज दिया जाएगा। किसानों को दिए जाने वाले इस कर्ज पर 5% की ब्याज सब्सिडी सरकार देगी। इस सब्सिडी के लिए यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक ने सरकार से लगभग 450 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का अनुरोध किया है।