Rajasthan Railway Station: राजस्थान में रेलवे विकास तेजी से गति पकड़ रहा है। आने वाले दिनों में सरकार के लगातार प्रयासों से प्रदेश का रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर नए आयाम छुएगा। अगले कुछ वर्षों में यहां विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन दिखाई देंगे। इसी कड़ी में, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 471 करोड़ रुपये की लागत से बीकानेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जाएगा।
राजस्थान में रेलवे का तेजी से विकास करवाया जा रहा है. आने वाले दिनों में सरकार के निरंतर प्रयासों के चलते राजस्थान में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में यह बड़ा कदम साबित होगा. प्रदेश में विश्व स्तरीय रेलवे स्टेशन आपको आने वाले सालों में नजर आने वाले हैं. के लिए मशहूर शहर में विश्वास करिए रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा. अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 471 करोड़ रुपये से राजस्थान के बीकानेर रेलवे स्टेशन का बेहतर पुनर्विकास होगा। इसके अलावा, यह आकर्षक होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देगा।
ऐतिहासिक धरोहरों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध
राजस्थान का एक शहर है जो अपनी मिठाइयों, नमकीन और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। रेलवे स्टेशन का पुनर्निर्माण इसे और भी आकर्षक बना देगा। जूनागढ़ किला, गजनेर पैलेस, देशनोक का करणी माता मंदिर और दिलचस्प कैमल सफारी हर साल हजारों लोगों को आकर्षित करते हैं। हालाँकि, रेलवे ने 471 करोड़ रुपये की लागत से “अमृत भारत स्टेशन” योजना के तहत बीकानेर स्टेशन को बदलने का निर्णय लिया है। यह पुनर्निर्माण जिले में पर्यटकों की सुविधा को और ज्यादा बढ़ा देगा।
नौ मंजिला इमारतें
बीकानेर स्टेशन का पुनर्निर्माण तेजी से चल रहा है, उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने यह जानकारी दी हैं। बता दे की स्टेशन के मुख्य प्रवेश पर 26,000 वर्ग मीटर और दूसरे प्रवेश पर 17,000 वर्ग मीटर की नई नौ मंजिला इमारतें बन रही हैं। बीकानेर स्टेशन का पुनर्निर्माण अगले 50 वर्षों की आवश्यकताओं को देखते हुए किया जा रहा है। वर्तमान में द्वितीय प्रवेश, बारात घर और कर्मचारी घरों की नींव का काम जोरों पर चल रहा है।
ग्रीन बिल्डिंग तकनीक
बीकानेर स्टेशन का नया रूप बेहतरीन होने वाला हैं। 16,000 वर्ग मीटर की सड़क और सर्कुलेटिंग क्षेत्र और 15,000 वर्ग मीटर की पार्किंग सुविधा स्टेशन पर बनाई जाएगी। स्टेशन पर दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल सुविधाएं, संकेतक, शौचालय, बैगेज स्कैनर, मेटल डिटेक्टर और कोच गाइडेंस बोर्ड भी होंगे। ग्रीन बिल्डिंग तकनीक से पर्यावरण बचाया जा रहा है। 1,200 केवीए क्षमता के सोलर पैनल, कचरा प्रसंस्करण, वर्षा जल संग्रहण और फायर फाइटिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। दैनिक रूप से 80,000 लोग इस स्टेशन पर आ सकेंगे। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नौकरी मिलेगी। यह परियोजना बीकानेर का पर्यटन और सामरिक महत्व बढ़ाएगी।
अलग-अलग प्रवेश-निकास द्वार
यात्रियों का अनुभव सुधारने के लिए 3,530 वर्ग मीटर में 36 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स बनाया जा रहा है, जो सभी प्लेटफॉर्म और दोनों छोर की इमारतों को जोड़ेगा। इस क्षेत्र में एग्जीक्यूटिव लाउंज, दुकानें, कैफेटेरिया, खाद्य कोर्ट और पर्यटक सूचना केंद्र होंगे। स्टेशन पर दो नए फुट ओवर ब्रिज (1,700 और 1,475 वर्ग मीटर) सहित 41 लिफ्ट, 24 एस्केलेटर बनाए जाएंगे। 16,000 वर्ग मीटर के परिसर में प्लेटफॉर्म शेल्टर, अलग-अलग प्रवेश-निकास द्वार, आधुनिक वेटिंग रूम, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और उन्नत लाइटिंग की सुविधाएं भी होंगी।