UP News – उत्तर प्रदेश सरकार रोड नेटवर्क को मज़बूत बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. इसी कड़ी में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि यूपी में 4,775.84 करोड़ रुपये की लागत से 49.96 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा… इससे जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें-
उत्तर प्रदेश सरकार रोड नेटवर्क को मज़बूत बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. राज्य में पहले से ही सबसे ज़्यादा एक्सप्रेस-वे हैं, और अब सरकार इन्हें जोड़कर एक एक्सप्रेस-वे ग्रिड बनाने की योजना पर काम कर रही है. इस योजना के तहत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे (Agra-Lucknow Expressway) को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए एक नए ग्रीनफ़ील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण को मंजूरी दी है. इससे राज्य की कनेक्टिविटी और भी बेहतर होगी.
4,775.84 करोड़ रुपये खर्च कर 49.96 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा. इसके बनने से लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रा न केवल तेज और आसान होगी, बल्कि इससे औद्योगिक विकास, व्यापार और पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी.
लिंक एक्सप्रेसवे का यह रहेगा रूट-
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को जोड़ने वाला 50 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है. यह एक्सप्रेस-वे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के भलिया गांव (चैनेज 294+230) से शुरू होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पहांसा गांव (चैनेज 6+350) तक बनेगा. यह सड़क छह लेन की होगी और इसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा. इसीलिए, सभी संरचनाएं शुरुआत से ही आठ लेन के मानकों के अनुरूप बनेंगी। यह नया लिंक दोनों एक्सप्रेस-वे के बीच यात्रा को और भी सुगम बना देगा.
120 Kmph की गति से दौड़ेंगे वाहन-
इस लिंक एक्सप्रेस-वे पर कार-जीप आदि की स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. इसमें एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) भी लगाया जाएगा, जिससे यातायात सुगम और सुरक्षित रहेगा. परियोजना के तहत 2 बड़े पुल, 20 छोटे पुल, 60 बॉक्स कल्वर्ट, 21 लो वॉल्यूम अंडरपास (LVUP), 16 स्मॉल व्हीकुलर अंडरपास (SVUP), 8 व्हीकुलर अंडरपास (VUP), 2 रेलवे ओवरब्रिज, 6 फ्लाईओवर और 5 इंटरचेंज का निर्माण होगा.
दोनों और बनेगी सर्विस लेन-
लिंक एक्सप्रेसवे से आसपास के ग्रामीण इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी (connectivity) देने के लिए इसके दोनों ओर 7-7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनाई जाएगी. सर्विस लेन से ग्रामीणों को एक्सप्रेसवे तक आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी. साथ ही ट्रैफिक साइन, रोड मार्किंग (road marking), क्रैश बैरियर और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे.
एक्सप्रेस-वे ग्रिड बना रही है योगी सरकार-
उत्तर प्रदेश में, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे (Bundelkhand and Gorakhpur Link Expressway) उत्तर-दक्षिण दिशा में, जबकि आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेस-वे पश्चिम से पूर्व दिशा में फैले हुए हैं. यह नया एक्सप्रेस-वे ग्रिड राज्य के परिवहन को सुगम बनाएगा. यह परियोजना प्रदेश को एक एकीकृत ग्रिड में बदलने के लिए तैयार है, जिससे राज्य के किसी भी हिस्से में तेज, सुरक्षित और निर्बाध यात्रा संभव हो सकेगी.