UP Expressway : यूपी में अब नए-नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। प्रदेश में इन नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से शहरों के बीच यात्रा का समय घटने के साथ ही रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। प्रदेश में नए-नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी स्थापित होगा और इससे कई जिलों के लोगों को बंपर फायदा होगा। आइए खबर में जानते हैं कि यूपी में ये नए एक्सप्रेसवे (UP Expressway Updates) कहां बनाए जाने वाले हैं।
यूपी सरकार की ओर से प्रदेश को देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे नेटवर्क बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी को स्थापित करने के लिए योगी सरकार लगातार नई काशिशें कर रही है। इन नए एक्सप्रेसवे (UP Expressway Projects) के निर्माण से सड़क रफ्तार को तेजी मिलेगी। आइए खबर में जानते हैं कि अभी यूपी में कितने एक्सप्रेसवे बनने वाले हैं।
अगले चार सालों में बनेंगे इतने एक्सप्रेसवे
यूपी में अब अगले चार सालों में 11 और नए एक्सप्रेस-वे जुड़ने वाले हैं। यूपी के इन प्रोजेक्ट्स का निर्माण और संचालन यूपी एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) को सौपां गया है। UPEIDA के अधिकारियों का कहना है कि सभी इन नए एक्सप्रेस-वे की डीपीआर (DPR of new expressway), भूमि अधिग्रहण, निर्माण और पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की जा चुकी है। प्लान के तहत 2026 तक प्रदेश देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से कनेक्ट हो जाएगा।
फरवरी तक भूमि अधिग्रहण का काम होगा शुरू
इन एक्सप्रेसवे की खासियत यह है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे (Agra-Lucknow Expressway) को फर्रुखाबाद के रास्ते नए लिंक एक्सप्रेस-वे से सीधे तौर पर कनेक्ट किया जाएगा, जिसकी भूमि अधिग्रहण प्रोसेस फरवरी 2026 तक पूरा करने का मकसद है। वहीं, दूसरी ओर चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे (Chitrakoot Link Expressway) को अगस्त 2027 तक तैयार करने का प्लान किया गया है।
इसके साथ ही राजधानी लखनऊ की सीमा पर जो लिंक एक्सप्रेस-वे बन रहा है, वो आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को कनेक्ट करेगा। अलाइनमेंट फाइनल करने के बाद अब फरवरी तक भूमि अधिग्रहण शुरू हो जाएगा।
फरवरी तक बनकर तैयार हो जाएंगे ये एक्सप्रेसवे
UPEIDA के अनुसार कई ऐसे एक्सप्रेसवे (Expressway In Up) हैं, जो नवंबर से फरवरी तक पूरे कर लिए जाएंगे। इन एक्सप्रेसवे में जेवर लिंक, मेरठ-हरिद्वार, नोएडा-जेवर, झांसी लिंक, चित्रकूट-रीवा, विध्य एक्सप्रेस-वे और विध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे (Vidya-Purvanchal Expressway) का नाम शामिल है। इन प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई मिलाकर 1500 किलोमीटर से ज्यादा होगी।
आर्थिक विकास को मिलेगी नई दिशा
यूपी के इन एक्सप्रेसवे (UP Expressway Updates) का मकसद प्रदेश में सफर को तेज बनाने के साथ ही आर्थिक विकास को नई दिशा देना है। अब इस समय में यूपी सरकार (UP Government) प्रदेश को इंडस्ट्रियल हब में बदलने की तैयारियों में जुटी हुई है। पिछले कुछ सालों में लखनऊ, आगरा, कानपुर, वाराणसी जैसे मेगा सिटी के बाद अब टीयर-2 और टीयर-3 शहरों को जोड़ने पर काम किया जा रहा है।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर होगा विकसित
सरकार नए एक्सप्रेसवे (New Expressway In UP) के निर्माण के साथ ही हर प्रमुख मार्ग के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को भी विकसित किया जाने वाला है। यूपी में इन नए कॉरिडोर में मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग हब बनाए जाने वाले हैं, जिससे स्थानीय रोजगार और निवेश दोनों में इजाफा होगा और बुंदेलखंड से लेकर पूर्वांचल और तराई के इलाकों इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा।
