Expressways in UP : यूपी में नए-नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है और अब जल्द ही यूपी में एक ऐसे एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा, जो उत्तराखंड से होकर गुजरने वाला है। प्रदेश में इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से कई जिलों को फायदा होने वाला है। यूपी में इस एक्सप्रेसवे (UP Expressways Updates) के निर्माण से अन्य शहरों से यूपी की कनेक्टिविटी अच्छी होगी।
योगी सरकार की ओर से सड़कों की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए नए-नए एक्स्रपेसवे की सौगात दी जा रही है। अब प्रदेश को एक और एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है। यूपी में इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। ये एक्सप्रेसवे (Expressways in UP) उत्तराखंड से होकर गुजरेगा। आइए खबर में जानते हैं इस एक्सप्रेसवे के बारे में।
कौन सा है ये एक्सप्रेसवे
हम बात कर रहे हैं गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Panipat Expressway) की, जिसका सीमांकन आखिरी चरण में है। इस एक्सप्रेसवे को बिजनौर में देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे से सीधे तौर पर लिंक किया जाएगा। इसके साथ ही यह एक्सप्रेसवे श्रावस्ती, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, पुवायां, बीसलपुर। बिजनौर, सहारनपुर और शामली से होकर गुजरने वाला है।
कितनी आएगी एक्सप्रेसवे की लागत
यूपी का ये एक्सप्रेसवे ग्रीनफील्ड बनाया जाने वाला है। यानी कि ये नया ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेसवे जमीन अधिग्रहीत करके निर्मित किया जाने वाला है। अभी तक के सीमांकन के मुताबिक इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 650 किमी होने वाली है और इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर लगभग 15 हजार करोड़ रुपये खर्च आ सकता है। यूपी के इस एक्सप्रेसवे (UP Expressway Updates) के बनने से नेपाल बॉर्डर होते हुए पूर्वी और पश्चिमी यूपी के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित हो सकेगी। इसके साथ ही पानीपत औद्योगिक क्षेत्रों का भी यूपी के लोगों को फायदा मिलने वाला है।
किसको सौंपा गया एक्सप्रेसवे का जिम्मा
एनएचएआई के सुत्रो के अनुसार एनएचएआई की मुरादाबाद और अयोध्या की इकाई को इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (UP Greenfield Expressway) को बनाने का जिम्मा सौपां गया है। हालांकि अभी इस पर काम चल रहा है। बता दें कि श्रावस्ती जिले को छुते हुए यह हाईवे बलरामपुर और बहराइच के एक बड़े हिस्से को लाभांवित करेगा। लखीमपुर के बाहरी हिस्से से होकर शाहजहांपुर के पुवायां में एंट्री करेगा।
सरकार की मुहर का इंतजार
यूपी में बन रहे इस नए एक्सप्रेसवे (UP Expressway News) को कुछ इस तरह से बनाया गया है, जिससे की रूहेलखंड के पीलीभीत टाइगर रिजर्व और आगे पश्चिमी यूपी की हस्तिनापुर सेंक्चुअरी के पार्ट पर इसका कोई असर न पड़ें। इसके लिए पीलीभीत में बीसलपुर जगह से होते हुए बिजनौर ले जाएगा। उसके बाद इसे आगे वन भूमि अधिग्रहीत करने के लिए बिजनौर से सटे उत्तराखंड के निचले हिस्से से सीधे तौर पर जोड़ा जाएगा।
उसके बाद यह देवबंद और शामली होते हुए पानीपत से सीधे तौर पर कनेक्ट होगा। एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस सीमांकन पर फाइनल मुहर (final seal on demarcation) सरकार लगाएगी और इसके लिए प्रस्ताव वहां भेजा जा रहा है। प्रस्ताव भेजते ही आगे का प्रोसेस शुरू होगा।
