UP Fastag Use : देशभर के कई एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स के भुगतान के लिए फास्टैग की सुविधा शुरू की गई है। हाल ही में फास्टैग के एनुएल पास (fastag annual pass) भी बनाए हैं, लेकिन ये उत्तर प्रदेश के कई एक्सप्रेसवे पर नहीं चलेगा। इससे कई वाहन चालकों में मायूसी है, आइये जानते हैं इन एक्सप्रेसवे के बारे में।
उत्तर प्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तरह ही कई बड़े एक्सप्रेसवे हैं। पिछले कुछ दिनों में तो कई और नए एक्सप्रेसवे (UP new expressway) भी शुरू हुए हैं। इन सभी एक्सप्रेसवे पर वाहन चालक हाईस्पीड से तो वाहनों से आवागमन कर सकते हैं लेकिन कुछ एक्सप्रेसवे ऐसे हैं,
जिन पर फास्टैग का एनुअल पास (FASTag Annual Pass) ही नहीं चलेगा। इसी महीने वाहन चालकों की सुविधा के लिए फास्टैग के एनुअल पास बनाए गए थे। अधिकतर वाहन चालकों ने ये पास बनवा भी लिए हैं पर यूपी के इन एक्सप्रेसवे (UP expressway fastag) पर ये किसी काम नहीं आएंगे।
इस कारण नहीं चलेगा फास्टैग एनुअल पास-
उत्तर प्रदेश (UP news) के कई एक्सप्रेसवे पर फास्टैग सुविधा (fastag facility in UP) लागू होते हुए भी फास्टैग का एनुअल पास नहीं चलेगा। इसे लेकर कई वाहन चालकों में कंफ्यूजन बनी हुई है कि आखिर यह पास क्यों नहीं चलेगा।
इसके पीछे का कारण यह है कि ये एक्सप्रेसवे राज्य सरकार के अधीन हैं, इसलिए हाल ही में 15 अगस्त को बनाए गए फास्टैग एनुअल पास एनएचएआई (NHAI) के एक्सप्रेसवे पर ही चलेंगे। इसका मतलब यही है कि जो एक्सप्रेसवे केंद्र सरकार के अधीन हैं, उन पर ही यह फास्टैग एनुअल पास (fastag annual pass kaha chlega) चलेगा।
ये 4 एक्सप्रेसवे हैं राज्य सरकार के अधीन-
उत्तर प्रदेश के 4 ऐसे एक्सप्रेसवे हैं, जिन पर फास्टैग एनुअल पास नहीं चलेगा। इनमें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Agra-Lucknow Expressway), बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे शामिल हैं। ये चारों एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन आते हैं और स्टेट हाईवे (UP state highway) हैं न कि नेशनल हाईवे। फास्टैग एनुएल पास एनएचएआई की ओर से बनाया गया है। इसलिए इन चारों एक्सप्रेसवे पर यह फास्टैग एनुअल पास नहीं चलेगा।
कौन सा एक्सप्रेसवे कहां से गुजर रहा-
बता दें कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway) इटावा से चित्रकूट तक बना है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लखनऊ से गाजीपुर तक और यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) ग्रेटर नोएडा से लेकर आगरा तब वाहन चालकों का सफर आसान बनाता है। इसके अलावा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे आगरा से लेकर लखनऊ तक है। इन चारों एक्सप्रेसवे गुजरने वाले वाहन चालकों का सामान्य फास्टैग खाते (General Fastag Account) से ही टोल टैक्स का पैसा कटेगा। इन पर फास्टैग एनुअल पास काम नहीं आएगा।
इसी महीने लागू हुई यह सुविधा-
देशभर के एनएचएआई (NHAI Fastag) की ओर से बनाए गए एक्सप्रेसवे से आवागमन के लिए वाहन चालकों की सुविधा के लिए फास्टैग एनुअल पास 15 अगस्त से लागू कर दिया गया है। इससे वाहन चालकों को बार बार टोल टैक्स (toll tax rules) चुकाने के झंझट से तो छुटकारा मिलेगा ही, रुपयों की बचत भी कर सकेंगे। इसके साथ ही जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
एक साल के लिए लगा इतना चार्ज-
गाड़ी के लिए फास्टैग एनुअल पास एक्टिव (how to activate fastag) करने के लिए 3000 रुपये का एकमुश्त भुगतान प्रति वाहन चालक को करना पड़ा है। यह फास्टैग एनुअल पास (fastag annual pass validity) 1 साल तक या 200 ट्रिप के लिए मान्य होगा।
नॉन-कमर्शियल वाहनों के लिए यह पास सुविधा दी गई है। इन वाहनों में निजी वाहन कार, जीप और वैन आदि शामिल हैं। 15 अगस्त का दिन फास्टैग एनुअल पास (fastag annual pass fees) लागू होने का पहला दिन था। इस दिन लगभग 1.2 लाख लोगों ने फास्टैग एनुअल पास बनवाया था।
जानिये कैसे काम करेगी फास्टैग की सुविधा-
किसी के फास्टैग में एनुअल पास (fastag annual pass charges) एक्टिव है तो नेशनल हाईवे के टोल पर एनुअल पास से टोल टैक्स कटेगा और स्टेट हाईवे से गुजरने पर सामान्य फास्टैग खाते (common fastag pass) से टोल टैक्स कटेगा। फास्टैग एनुअल पास से ही किसी स्टेट हाईवे के टोल पर भी टोल टैक्स चुकाया जा सकता है। जब यह फास्टैग एनुअल पास 3 हजार रुपये चार्ज भरने पर एक्टिव (fastag news) होगा तो इसके बाद दो खाते अपने आप बन जाएंगे।
अलग से फास्टैग बनवाने की जरूरत नहीं-
इनमें से एक खाता एनुअल पास (fastag annual pass) का होगा और एक खाता सामान्य फास्टैग का होगा, जो पहले से चालू होता है। यानी आपको यूपी के इन चारों एक्सप्रेसवे के लिए कोई अलग से फास्टैग (fastag pass kaise bnega) बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।