UP News Update : एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि यूपी के इन दो एक्सप्रेसवे को 6 लेन लिंक रोड से कनेक्ट किया जाएगा. इससे लखनऊ शहर के ट्रैफिक से बचा जा सकेगा और सफर सुगम होगा. आइए नीचे खबर में जान लेते है कि आखिर किन जिलों को सीधा फायदा होगा-
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले नए ग्रीन फील्ड एक्सेस कंट्रोल लिंक एक्सप्रेसवे (Green Field Access Control Link Expressway) से लखनऊ से कानपुर जाने वाले वाहन सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो सकेंगे. इससे लखनऊ शहर के ट्रैफिक से बचा जा सकेगा और सफर सुगम होगा. आइए नीचे खबर में जान लेते है कि आखिर किन जिलों को सीधा फायदा होगा-
उत्तर प्रदेश में रोड नेटवर्क-
योगी सरकार उत्तर प्रदेश में रोड नेटवर्क (road network) को मजबूत बनाने के लिए खूब जोर-शोर से लगी हुई है. यूपी पहले ही देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला प्रदेश बन चुका है. इसी कड़ी में राज्य सरकार का ध्यान इन एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़कर एक्सप्रेसवे ग्रिड बनाने का है.
सीएम योगी ने दी थी मंजूरी-
पिछले महीने ही मुख्यमंत्री योगी (Chief Minister Yogi) की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए एक ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण को मंजूरी दी गई थी.4,775.84 करोड़ रुपये खर्च कर 49.96 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा.
नए लिंक एक्सप्रेसवे से किन शहरों को फायदा-
इसके बनने से लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर जैसे प्रमुख शहरों के बीच सफर न केवल तेज और आसान होगा, बल्कि इससे इनडस्ट्रियल डेवलपमेंट, बिजनेस और पर्यटन को भी मजबूती मिलेगी.
कहां से शुरू होगा-
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे (Agra-Lucknow Expressway) को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए बनने वाला ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के भलिया ग्राम (चैनेज 294+230) से शुरू होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पहांसा ग्राम (चैनेज 6+350) तक बनाया जाएगा.
कितने लेन का होगा-
ये एक्सप्रेसवे करीब 50 किलोमीटर लंबा यह रोड छह लेन का बनाया जाएगा. आने वाले समय में इसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा. इसलिए शुरुआत में सभी संरचनाएं उस तरह की हैं कि बनाई जा रही हैं.
120 किलोमीटर की स्पीड से दौड़ेंगे वाहन-
इस लिंक एक्सप्रेस-वे पर कार-जीप आदि की स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रति घंटा के हिसाब से होगी. इस एक्सप्रेसवे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) भी लगाया जाएगा, जिससे यातायात सुगम और सुरक्षित रहेगा.
कैसा होगा नए लिंक एक्सप्रेसवे का फीचर-
परियोजना के तहत 2 बड़े पुल, 20 छोटे पुल, 60 बॉक्स कल्वर्ट, 21 लो वॉल्यूम अंडरपास (LVUP), 16 स्मॉल व्हीकुलर अंडरपास (SVUP), 8 व्हीकुलर अंडरपास (VUP), 2 रेलवे ओवरब्रिज, 6 फ्लाईओवर और 5 इंटरचेंज का निर्माण होगा.
बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सर्विस लेन-
लिंक एक्सप्रेसवे से आसपास के गांव वाले इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए इसके दोनों तरफ 7-7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड बनेगी. इस सर्विस लेन के होने से ग्रामीणों को एक्सप्रेसवे तक आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी. इसके साथ ही ट्रैफिक साइन (traffic sign), क्रैश बैरियर, रोड मार्किंग और अन्य आधुनिक सुरक्षा इक्यूपमेंट लगेंगे.
यूपी में तैयार होगा एक्सप्रेसवे ग्रिड-
उत्तर प्रदेश का एक्सप्रेस-वे नेटवर्क राज्य को एकीकृत कर रहा है. बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे उत्तर-दक्षिण दिशा में हैं. वहीं, आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेस-वे पश्चिम से पूरब दिशा में फैले हैं. यह नया लिंक प्रोजेक्ट राज्य को एक संगठित एक्सप्रेस-वे ग्रिड में बदल देगा. इससे सूबे के किसी भी हिस्से तक की यात्रा तेज, सुरक्षित और निर्बाध हो जाएगी, जो प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंच को सुगम बनाएगा.
