मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में परिवहन विभाग एवं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के कार्यों की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने प्रदेश में ई-बसों की खरीद में ‘Made in UP’ को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा आगे से खरीदी जाने वाली बसें यथासम्भव उत्तर प्रदेश में ही निर्मित हों. यह कदम प्रदेश की औद्योगिक प्रगति को गति देगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगा.
इस दौरान सीएम ने कहा कि बस स्टेशनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए. यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि हो और सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए. इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को प्रोत्साहन दिया जाए. राजस्व वृद्धि के लिए हर सम्भव प्रयास किया जाए.
सीएम ने रक्षाबंधन के अवसर पर माताओं-बहनों और उनके एक सहयात्री को तीन दिन तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की तथा सिटी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा का लाभ 78 लाख से अधिक लोगों द्वारा लिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की.
2024-25 में प्रदेश में 37.9 लाख नए वाहन पंजीकृत- CM से बोले अधिकारी
इस दौरान अधिकारियों द्वारा सीएम को बैठक में अवगत कराया गया कि UPSRTC 23 बस स्टेशनों को PPP मॉडल पर विश्वस्तरीय टर्मिनल के रूप में विकसित कर रहा है. दूसरे चरण में 54 अतिरिक्त बस स्टेशनों का विकास प्रस्तावित है, जबकि 50 बस स्टेशनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है. UPSRTC 08 शहरों में इलेक्ट्रिक डिपो भी स्थापित कर रहा है, जहां 240 किलोवाट क्षमता के 04 से 08 यूनिवर्सल चार्जर लगाए जाएंगे.
सीएम को अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 37.9 लाख नए वाहन पंजीकृत हुए, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में जून माह तक ही 11 लाख से अधिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है. इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए कर एवं शुल्क में ₹942 करोड़ से अधिक की छूट दी गई है. सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत ‘नो हेलमेट-नो फ्यूल’ जैसी नीति लागू है.