New Expressway in UP : उत्तर प्रदेश में लगातार एक के बाद एक नए एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। सरकार के इन प्रयासों के चलते आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। अब यूपी में तीन बड़े एक्सप्रेसवे बनकर तैयार होने वाले हैं। हाल ही में रिपोर्ट सामने आई है कि इन एक्सप्रेसवे का जल्द ही आम जनता के लिए खोला जाएगा। ये एक्सप्रेसवे यूपी को मजबूत कनेक्टिविटी देगा और सफर तेज और पहले से आसान हो जाएगा।
उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए लगातार एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा रहा है। अब केवल शहरों को नहीं, बल्कि विकास को गति देने के लिए सड़क नेटवर्क को बढ़ाया जा रहा है। आने वाले कुछ महीनों में तीन बड़े एक्सप्रेसवे पर वाहन दौड़ते नजर आएंगे। प्रदेश में फिलहाल 7 एक्सप्रेसवे संचालित हैं और तीन बड़े एक्सप्रेसवे पर काम पूरा होने वाला है। इन एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद यूपी में एक्सप्रेसवे की संख्या सात से बढ़कर 10 हो जाएगा। इसी बीच सरकार ने प्रदेश में 12 नए लिंक एक्सप्रेसवे बनाने का ऐलान किया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में 22 एक्सप्रेसवे बनाना है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को देश के हर राज्य के साथ जोड़ेंगे।
उत्तर प्रदेश तेजी से एक्सप्रेसवे स्टेट की पहचान की ओर बढ़ रहा है। राज्य में 22 एक्सप्रेसवे का विशाल ग्रिड तैयार किया जा रहा है, जिसमें ग्रीनफील्ड और लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इसी कड़ी में गंगा एक्सप्रेसवे, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे और गाजीपुर-बलिया एक्सप्रेसवे जल्द ही आम जनता के लिए खोले जाने वाले हैं। इन परियोजनाओं के शुरू होते ही दिल्ली से लेकर पूर्वांचल तक सफर आसान, तेज और सुविधाजनक हो जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे का 96% काम हुआ पूरा –
मेरठ से प्रयागराज तक बन रहा गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) राज्य की सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। यह मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे जिलों को आपस में कनेक्ट करेगा। मेन कैरिजवे का 96% से अधिक काम पूरा हो चुका है और FASTag टोल सिस्टम का परीक्षण भी सफल रहा है। संभावना है कि मार्च में इसे पूरी तरह से शुरू कर दिया जाएगा। इसके चालू होते ही पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल की दूरी काफी कम हो जाएगी।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनकर तैयार –
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) (NE-6) 6-लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड मार्ग है, इस एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 63 किलोमीटर है। इस एक्सप्रेसवे को भविष्य में 8 लेन तक बनाया जा सकता है। इस पर 18-19 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन बनाया गया है, जो इसे प्रदेश का सबसे लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाता है। वर्तमान में लखनऊ से कानपुर का सफर 2.5 से 3 घंटे में पूरा होता है, लेकिन इसके शुरू होने के बाद यह दूरी महज 35 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी। परियोजना की लागत लगभग 4700 करोड़ रुपये है और इसे मार्च 2026 के अंत या अप्रैल तक शुरू किए जाने की संभावना है।
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे का जल्द होगा उद्घाटन –
प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा। इसकी लंबाई करीब 750 किलोमीटर होगी। यह 22 जिलों से होकर गुजरेगा और पश्चिमी यूपी को सीधे पूर्वांचल से जोड़ेगा। इसकी DPR पूरी हो चुकी है और जमीन अधिग्रहण का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। निर्माण कार्य 2026-27 में शुरू होने की संभावना है।
आसपास के कई राज्यों को होगा सीधा फायदा –
इन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के तैयार होने से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों को इनका सीधा लाभ होगा। औद्योगिक निवेश, पर्यटन और व्यापार को नई गति मिलेगी। योगी आदित्यनाथ सरकार ने बजट में 15 हजार करोड़ रुपये सड़कों के निर्माण और रखरखाव के लिए आवंटित किए हैं।
