New Smart Cities Developed in UP : उत्तर प्रदेश में पिछले काफी समय से प्रगति कार्य रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब यहां पर एक नया शहर बसाया जाने वाला है। ये नया शहर 300 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होने वाला है। इसकी वजह से यहां पर रहने वाले लोगों को काफी लाभ होने वाला है। खबर के माध्यम से जानिये यूपी में बसाया जाने वाला ये नया शहर।
उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है। प्रदेश में लोगों को बेहतर आवासीय सुविधाएं देने के लिए सरकार लगातार एक के बाद एक शहर डेवलप कर रही है। अब उत्तर प्रदेश वालों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। दिल्ली से 60 किलोमीटर दूर 300 हेक्टेयर भूमि में हाईटेक सुविधाओं से लैस एक शहर (Smart Cities) बसाया जाएगा। इस शहर में एक से बढ़कर एक आधुनिक सुविधाएं मिलने वाली है। आइए जानते हैं इस बारे में।
3,500 करोड़ रुपये होंगे खर्च-
उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026 के बजट में नई टाउनशिप (new township) प्रोजेक्ट्स के लिए 3,500 करोड़ रुपये की राशि को अदा कर दिया है। इस योजना के तहत, मेरठ में लगभग 35 साल बाद नई हाउसिंग स्कीम की शुरुआत की जा रही है। साथ ही में आगरा में 33 साल और लखनऊ में 22 साल बाद नई हाउसिंग स्कीम की भी शुरुआत कर दी गई है। हालांकि बुलंदशहर में पहली बार इंडस्ट्रियल स्कीम को शुरू किया गया है।
इतनी भूमि का होगा अधिग्रहण-
ये टाउनशिप दिल्ली रोड पर मोहिउद्दीनपुर में 300 हेक्टेयर में फेज वन और फेज टू में डेवलप किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को मेरठ डेवलपमेंट अथॉरिटी (MEDA) के द्वारा डेवलप किया जा रहा है। किसानों की सहमति के आधार पर जमीन खरीदी जाने वाली है और अब तक लगभग 150 हेक्टेयर जमीन एक्वायर किये जा चुके हैं। इसकी वजह से प्रोजेक्ट के पहले फेज को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
डेवलपमेंट में आएगी इतनी लागत-
राज्य सरकार दोनों फेज के डेवलपमेंट के लिए कुल 1,258 करोड़ रुपये देने के लिए सहमती प्रदान कर दी थी। इस बारे में MEDA को अब तक 809 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। 11 जनवरी 2024 को 200 करोड़ रुपये, 27 दिसंबर 2024 को 200 करोड़ रुपये और 27 मार्च 2025 को 403 करोड़ रुपये की राशि अदा कर दी गई है। इसके साथ ही में आने वाले बजट से लगभग 400 करोड़ रुपये और मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है।
टाउनशिप में मिलेगी मॉडर्न सुविधाएं-
ये टाउनशिप मॉडर्न सुविधाओं से लैस होने वाली है। यहां रेजिडेंशियल प्लॉट (Residential Plot), पार्क, सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम और दूसरा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जाने वाला है। अधिकारियों का मानना है कि ये प्लान मेरठ के शहरी विस्तार को एक नई दिशा प्रदान कर रहा है और घरों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए सीड फंडिंग के रूप में सरकारी मदद से जमीन अधिग्रहण (land acquisition), इंफ्रास्ट्रक्चर कंस्ट्रक्शन और दूसरे शुरुआती काम में तेजी आन जाएगी। जमीन अधिग्रहण का प्रोसेस किसानों की सहमति से ट्रांसपेरेंट तरीके से किया जा रहा है।
सिर्फ इतनी दूरी पर बसेगा नया शहर-
नई टाउनशिप (New Township in UP) के डेवलपमेंट होने की वजह से न सिर्फ घरों के ऑप्शन बढ़ेंगे बल्कि लोकल रोजगार के मौके मिलने वाले हैं। दिल्ली रोड के पास होने की वजह से इस इलाके को भविष्य का एक अहम रियल एस्टेट (Real Estate) डेस्टिनेशन के तौर पर माना जा रहा है। सरकार और MEDA अधिकारियों का मानना है कि बजट फंडिंग से, ये प्रोजेक्ट तय समय में पूरा हो जाएगा, इससे मेरठ का सुव्यवस्थित और मॉडर्न रेजिडेंशियल इलाका पक्का होगा। जिसकी दिल्ली NCR से डायरेक्ट कनेक्टिविटी होगी। ये दिल्ली से महज 60 km दुर बस रहा नया शहर है।
