हमारे जीवन में समय का बहुत महत्व है, और घर की दीवार पर लगी घड़ी सिर्फ समय बताने का काम ही नहीं करती, बल्कि यह हमारे जीवन में सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का संतुलन भी बनाती है। वास्तु शास्त्र में हर चीज़ को सही जगह पर रखने के नियम बताए गए हैं, ताकि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे।
दीवार घड़ी की सही दिशा और उसका रंग व आकार हमारे भाग्य और प्रगति पर गहरा असर डालता है। अगर घड़ी सही दिशा में लगी हो, तो यह सफलता और समृद्धि को आकर्षित करती है, लेकिन अगर यह गलत जगह पर हो, तो जीवन में रुकावटें और तनाव आ सकता है। इसलिए, यह जानना बहुत ज़रूरी है कि अपने घर में घड़ी कहाँ और कैसे लगानी चाहिए।
दीवार घड़ी वास्तु टिप्स: 5 मिनट में जानें असरदार उपाय
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घड़ी को सही दिशा में लगाना बहुत शुभ माना जाता है। सही दिशा में लगी घड़ी घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है और परिवार के सदस्यों की तरक्की के रास्ते खोलती है। इसके लिए कुछ मुख्य दिशाएँ हैं जिनका पालन करना चाहिए।
घड़ी लगाने की शुभ दिशाएँ (Vastu Direction for Wall Clock)
वास्तु के अनुसार, घर में घड़ी लगाने के लिए कुछ दिशाएं सर्वोत्तम मानी गई हैं, जो इस प्रकार हैं:
- पूर्व दिशा: इस दिशा को सूर्य और देवताओं के राजा इंद्र की दिशा माना जाता है, जो ज्ञान, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। पूर्व दिशा में घड़ी लगाने से घर में धन की देवी लक्ष्मी का आगमन होता है, परिवार के सदस्यों में सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ता है।
- उत्तर दिशा: यह दिशा धन के देवता कुबेर की मानी जाती है। इसलिए, उत्तर दिशा की दीवार पर घड़ी लगाने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और धन-समृद्धि बनी रहती है। यह दिशा करियर और आय में वृद्धि के लिए भी बहुत शुभ है।
- पश्चिम दिशा: अगर पूर्व और उत्तर दिशा में घड़ी लगाने की जगह न हो, तो पश्चिम दिशा को विकल्प के तौर पर चुना जा सकता है। यह दिशा जीवन में स्थिरता लाती है और नए अवसरों की प्राप्ति में सहायक होती है।
घड़ी की सही दिशा का अवलोकन
| पहलू | सही दिशा (शुभ) | गलत दिशा (अशुभ) |
| सर्वोत्तम दिशा | पूर्व और उत्तर | दक्षिण |
| अन्य शुभ दिशा | पश्चिम | दरवाजा/मुख्य द्वार के ऊपर |
| लाभ | सुख-समृद्धि, सकारात्मकता, आर्थिक लाभ | नकारात्मकता, धन हानि, स्वास्थ्य समस्या |
| देवता/प्रतिनिधि | इंद्र (पूर्व), कुबेर (उत्तर) | यमराज (दक्षिण) |
| उद्देश्य | प्रगति, सफलता, धन आगमन | रुकावट, ठहराव, तनाव |
| बेडरूम में स्थान | पूर्व या उत्तर की दीवार | बेड के ठीक सामने, बेड के ऊपर |
घड़ी से जुड़े ज़रूरी वास्तु नियम (Vastu Rules for Clock)
घड़ी सिर्फ दिशा से ही नहीं, बल्कि उसके रंग, आकार और स्थिति से भी प्रभावित होती है। वास्तु में कुछ नियम बताए गए हैं जिनका पालन करना अनिवार्य है:
- बंद घड़ी तुरंत हटाएँ: घर में कभी भी टूटी हुई या बंद पड़ी घड़ी नहीं रखनी चाहिए। बंद घड़ी ठहराव, दुर्भाग्य और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। इससे जीवन में नए अवसर नहीं आते। ऐसी घड़ी को या तो तुरंत ठीक कराएँ या घर से हटा दें।
- समय हमेशा सही रखें: घड़ी का समय न तो आगे चलना चाहिए और न ही पीछे। घड़ी का सही समय पर चलना जीवन की प्रगति को दर्शाता है। समय को कुछ मिनट आगे रखना शुभ माना जाता है, लेकिन बहुत ज़्यादा अंतर न हो।
- रंग और आकार का चुनाव:
- शुभ रंग: हल्के हरे, सफेद, पीले और हल्के भूरे रंग की घड़ियाँ शुभ मानी जाती हैं। उत्तर दिशा के लिए धातु (ग्रे/सफेद) रंग अच्छा है।
- शुभ आकार: गोल (Round), अंडाकार (Oval) या अष्टकोणीय (Octagonal) आकार की घड़ियाँ लगाना शुभ होता है।
- अशुभ रंग/आकार: नीले, काले, और गहरे लाल रंग की घड़ियों से बचना चाहिए। त्रिकोण (Triangular) या हिंसक जानवरों की तस्वीरों वाली घड़ियाँ बिल्कुल न लगाएं।
- पेंडुलम वाली घड़ी: पेंडुलम वाली घड़ियों को शुभ माना जाता है। यह बुरा समय दूर करती है और नए अवसर लाती है। इसे पूर्व या उत्तर दिशा में लगाया जा सकता है, लेकिन बेडरूम में लगाने से बचें।
कहाँ घड़ी बिल्कुल न लगाएं (Where Not to Place Wall Clock)
कुछ स्थान ऐसे हैं जहाँ घड़ी लगाना वास्तु दोष उत्पन्न करता है और नकारात्मक प्रभाव डालता है:
- दक्षिण दिशा (South Direction): इस दिशा में घड़ी लगाना सबसे अशुभ माना जाता है। दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा माना जाता है। यहाँ घड़ी लगाने से परिवार के मुखिया के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है और जीवन में तरक्की रुक जाती है।
- दरवाजे के ऊपर: घर के मुख्य द्वार या किसी भी दरवाजे के ठीक ऊपर घड़ी नहीं लगानी चाहिए। ऐसा करने से उसके नीचे से गुजरने वाले व्यक्ति पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पड़ता है, जिससे तनाव और धन हानि हो सकती है।
- बेड के सामने (In Front of Bed): बेडरूम में घड़ी लगाते समय ध्यान रखें कि वह पलंग के ठीक सामने न हो। सोते समय घड़ी का प्रतिबिंब (Reflection) बिस्तर पर नहीं पड़ना चाहिए, यह भी नकारात्मकता को बढ़ाता है।
- आईने के सामने: घड़ी के ठीक सामने आईना (Mirror) नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह समय की नकारात्मकता को दोगुना कर सकता है।
खुशहाली और समृद्धि का सरल उपाय
इन सरल और असरदार वास्तु उपायों को अपनाकर आप अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। वास्तु के नियमों का पालन करने से न केवल समय अच्छा होता है, बल्कि घर-परिवार में सुख-शांति और खुशहाली का माहौल भी बना रहता है। दीवार घड़ी हमारे जीवन में समय के चक्र को दर्शाती है, इसलिए इसे सही मान्यताओं के साथ लगाना बेहद ज़रूरी है। यह छोटा-सा बदलाव आपके जीवन की दिशा बदल सकता है और समृद्धि के नए द्वार खोल सकता है।
