Wheat Mandi Open: हरियाणा में 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद आरंभ हो चुकी है, लेकिन अंबाला अनाज मंडी में अभी तक गेहूं की फसल नहीं पहुंची है. यह नजारा किसी अजीब सितुएशन से कम नहीं है क्योंकि पहली बार ऐसा हुआ है कि खरीद शुरू होने के बावजूद मंडी में फसल का कोई निशान तक नहीं है.
देरी का कारण
इस वर्ष फसल की बुआई में देरी के चलते गेहूं पूरी तरह से पक नहीं पाया है, जिसके कारण किसान अभी तक मंडी में अपनी फसल लेकर नहीं पहुंचे हैं. मंडी सचिव दलेल सिंह के अनुसार, मंडी में सभी प्रकार की तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं और गेट पर कर्मचारी भी तैनात हैं, लेकिन किसानों के न पहुंचने से मंडी सूनी पड़ी है.
सरकारी खरीद और मंडी की व्यवस्थाएं
भले ही खरीद शुरू हो गई हो, परंतु अंबाला अनाज मंडी में अभी तक एक भी किसान नहीं पहुंचा है. दलेल सिंह ने बताया कि मंडी में किसानों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था के साथ-साथ कैंटीन में सस्ते दाम पर खाने की भी पूरी व्यवस्था है. सरकार की तरफ से मंडी में किसानों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा गया है.
किसानों की उम्मीदें और अनुमानित आगमन
मंडी सचिव के अनुसार, इस वर्ष मंडी में पिछले साल की तुलना में 6 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की आवक की उम्मीद है. उनका कहना है कि खरीद तो शुरू हो गई है, लेकिन किसान अगले 6 से 7 दिनों में ही अपने गेहूं की फसल लेकर मंडी में पहुंच पाएंगे.
किसानों का मौसम संघर्ष और खरीद की शुरुवात
किसान शुभम के अनुसार, इस बार मौसम में बदलाव के कारण गेहूं की फसल को पकने में और समय लगेगा. उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद तो शुरू हो गई है, लेकिन वे अपनी फसल लेकर 5 से 7 दिन बाद ही मंडी पहुंच पाएंगे. इससे स्पष्ट है कि किसान अभी फसल की परिपक्वता का इंतजार कर रहे हैं.