Wheat Stock Limit : गेंहू हर घर की आम जरूरत है और कुछ जमाखोरी इस बात का फायदा उठाकर काला बाजारी करते हैं। अब हाल ही में सरकार ने गेहूं को रखने को लेकर लिमिट तय कर दी गई है। अब सरकार के इस कदम पर गौर करते हुए आप एक लिमिट तक गेंहू को स्टॉक कर सकेंगे। सरकार ने इस कदम से जमाखोरी करने वालों पर शिकंजा कस दिया है।
सरकार की ओर से गेहूं की स्टॉकिंग करने वालों पर शिकंजा कस दिया है। सरकार ने गेंहू की रखने की लिमिट को तय कर दिया है। सरकार की ओर से यह कदम जमाखोरी रोकने और गेहूं की कीमतों को नियंत्रण करने के लिए किया गया है। सरकार की ओर से गेंहू क स्टॉक लिमिट (Wheat Stock Limit) नियमों को अब सख्त कर दिया गया है। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से।
सरकार ने उठाया का बड़ा कदम
खाद्य मंत्रालय का कहना है कि अब दिवाली का त्योहार आने वाला है और आगामी त्योहारी मौसम से पहले गेहूं की कीमतों(Gehu Ki Kimat ) को कंट्रोल करना बेहद जरूरी है और इन्हें कंट्रोल करने के तहत ही केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक लागू गेहूं की स्टॉक सीमा(stock limit of wheat) में बदलाव करने का ऐलान लिया है।
किसके लिए कितनी लिमिट हुई तय
सरकार ने थोक विक्रेताओं, छोटे और बड़े खुदरा विक्रेताओं और प्रोसर्स के लिए गेहूं का स्टॉक (Wheat Stock for Processors) रखने की सीमा को सख्त कर दिया है। सरकार के इन निमयों के तहत अब थोक विक्रेताओं के लिए सीमा (Wheat Limit for wholesalers) 3000 टन से घटा दी गई है।
घटाकर 2000 टन कर दी गई है और खुदरा विक्रेताओं के लिए 10 टन से 8 टन कर दी गई है। जबकि बड़ी खुदरा चेन के खुदरा विक्रेता हर बिक्री केन्द्र के लिए पहले के 10 टन के बजाय आठ टन गेहूं रख सकते हैं।
वहीं प्रोसेसर्स को चालू फाइनेंशियल ईयर के दौरान बाकी महीनों से गुणा करके अपनी मासिक स्थापित क्षमता के 70 प्रतिशत के बजाय 60 प्रतिशत तक गेहूं स्टॉक (Wheat Stock)रखने की परमिशन होगी। बता दें कि वर्ष 2025 में सरकार ने गेहूं की स्टॉक सीमा में दो बार बदलाव कया है।
कब तक जारी रहेंगे आदेश
सरकार की ओर से जारी ये आदेश 31 मार्च, 2026 तक मान्य है। सरकार की ओर से इससे पहले 12 जून 2023 को स्टॉक (gehu Ki Stock limit) सीमा लागू की थी, जो 31 मार्च, 2024 तक प्रभावी रही और कीमतों को बनाए रखने और जमाखोरी पर रोक लगाने के मकसद से 24 जून, 9 सितंबर और 11 दिसंबर, 2024 को इसमें बदलाव किए गए।
मंत्रालय का कहना है कि सभी गेहूं भंडारण संस्थाओं को गेहूं स्टॉक सीमा (Wheat stock limit) को एक सरकारी पोर्टल पर दर्ज कराना आवश्यक है और इसके लिए हर शुक्रवार को स्टॉक की स्थिति अपडेट करना बेहद जरूरी है। अगर संस्थाओं के पास स्टॉक निर्धारित सीमा ये ज्यादा है, तो उन्हें अधिसूचना जारी होने के 15 दिनों के अंदर ही मात्रा को निर्धारित स्टॉक सीमा तक ले जाना होगा।
कितना हुआ गेंहू का उत्पादन
हर किसी के लिए सरकार के इस कदम का पालन करना अनिवार्य है। इस दौरान पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन न कराने या स्टॉक सीमा का पालन ने करने वाली किसी भी इकाई पर आवश्यक वस्तु अधिनियम,(Essential Commodities Act) 1955 के तहत बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System), अन्य कल्याणकारी योजनाओं और बाजार हस्तक्षेपों की जरूरतों को पूरा करने के लिए गेहूं का भरपूर स्टॉक है।
देश ने फसल साल 2024-25 में 11.75 करोड़ टन का रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन (Wheat Production)किया था। खाद्य मंत्रालय कीमतों को कंट्रोल करने और देश में आसान अवेलेबलिटी को सुनिश्चित करने के लिए गेहूं की स्टॉक की स्थिती पर पैनी नजर गड़ाए हुए हैं।