Gold Silver Rate 30 April: शादियों के सीजन में बड़ी राहत, सोना-चांदी में भारी गिरावट
शादी के सीजन के बीच सर्राफा बाजार से बड़ी खबर सामने आई है। 30 अप्रैल को सोना और चांदी दोनों के दामों में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जिससे खरीदारों को राहत मिली है।
ताजा अपडेट के अनुसार, 24 कैरेट सोना आज ₹1,629 सस्ता होकर ₹1,59,557 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं चांदी के दाम में भी बड़ी गिरावट आई है और यह ₹5,381 टूटकर ₹2,38,339 प्रति किलो पर आ गई है।
ऑल टाइम हाई से कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?
सर्राफा बाजार में सोना अपने रिकॉर्ड स्तर ₹1,76,121 से करीब ₹26,564 सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी भी अपने उच्चतम स्तर से भारी गिरावट के साथ नीचे आ गई है।
अगर हालिया वैश्विक तनाव (युद्ध जैसे हालात) के दौरान की बात करें, तो अब तक सोना करीब ₹9,540 और चांदी लगभग ₹29,561 तक गिर चुकी है।
22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड के ताजा रेट
आईबीजेए के मुताबिक:
- 22 कैरेट गोल्ड: ₹1,492 की गिरावट के बाद ₹1,36,994 प्रति 10 ग्राम (GST के साथ ₹1,41,103)
- 18 कैरेट गोल्ड: ₹1,222 सस्ता होकर ₹1,12,168 प्रति 10 ग्राम (GST सहित ₹1,15,533)
23 और 14 कैरेट गोल्ड की कीमत
- 23 कैरेट गोल्ड: ₹1,623 गिरकर ₹1,48,958 प्रति 10 ग्राम
- 14 कैरेट गोल्ड: ₹953 की गिरावट के साथ ₹87,491 प्रति 10 ग्राम
नोट: IBJA दिन में दो बार रेट जारी करता है—एक बार दोपहर और एक बार शाम को। यहां दिए गए रेट दोपहर के अपडेट पर आधारित हैं।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
1. मार्जिन बढ़ने का असर
कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने के कारोबार में मार्जिन बढ़ा दिए गए हैं, जिससे छोटे निवेशकों की भागीदारी कम हुई है। सट्टेबाजी घटने से कीमतों में नरमी आई है।
2. शेयर बाजार की हलचल
जब शेयर बाजार में नुकसान होता है, तो निवेशक अपने दूसरे एसेट बेचकर कैश निकालते हैं। सोना-चांदी में मुनाफा होने पर उनकी बिकवाली बढ़ जाती है, जिससे कीमतों पर दबाव आता है।
3. डॉलर की मजबूती
अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग घटती है। इससे कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
फिलहाल बाजार में बड़ी तेजी के संकेत नहीं दिख रहे हैं। सोना और चांदी दोनों में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ी है। ऐसे में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
निष्कर्ष
सोना-चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट से खरीदारों को राहत जरूर मिली है, खासकर शादी के सीजन में। हालांकि निवेश से पहले बाजार की स्थिति को समझना और विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
