भारतीय सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। लगातार वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच गोल्ड के दाम में नरमी देखने को मिली। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, 10 ग्राम सोने की कीमत ₹600 घटकर ₹1,55,300 पर पहुंच गई है। इससे शादी और निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक बाजार की अस्थिरता का सीधा असर गोल्ड मार्केट पर पड़ा है। निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं, जिसके चलते सोने की कीमतों में दबाव बना हुआ है।
क्यों गिरा सोने का भाव?
सोने की कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच शांति वार्ता में कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के प्रस्तावों को खारिज किए जाने के बाद वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई है।
इस तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला है। क्रूड ऑयल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका तेज हुई है। ऐसे माहौल में निवेशक ब्याज दरों और आर्थिक नीतियों को लेकर सतर्क हो जाते हैं, जिसका असर सीधे सोने की कीमतों पर पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है हाल?
ग्लोबल मार्केट में भी सोने के दाम दबाव में दिखाई दिए। हाजिर सोना एक समय 1 प्रतिशत से अधिक टूटकर 4,661.68 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। हालांकि बाद में इसमें हल्की रिकवरी देखने को मिली और कीमत 4,717.38 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करती नजर आई।
वहीं चांदी की कीमतों में ज्यादा बड़ी गिरावट नहीं आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिल्वर करीब 80.28 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर बनी रही। भारत में शादी और त्योहारों के सीजन की वजह से चांदी की मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे इसकी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।
निवेशकों की नजर इन आंकड़ों पर
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब निवेशकों की नजर अमेरिका के आने वाले महंगाई आंकड़ों पर टिकी हुई है। मंगलवार को कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और बुधवार को प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के डेटा जारी होने वाले हैं।
इन आंकड़ों से यह संकेत मिलेगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों में कटौती करेगा या नहीं। अगर महंगाई के आंकड़े ज्यादा आते हैं, तो ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ सकती है। इसका असर सीधे गोल्ड मार्केट पर पड़ेगा, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें सोने जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट को कम आकर्षक बना देती हैं।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अगर वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो निवेशक फिर से सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख कर सकते हैं। वहीं डॉलर मजबूत रहने और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने पर गोल्ड में दबाव बना रह सकता है।
ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को सलाह दी जा रही है कि खरीदारी से पहले बाजार के ताजा रेट और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नजर जरूर रखें।
