केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। इसी बीच 11 मई को आयोजित नेशनल काउंसिल-ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की 49वीं बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने की। खास बात यह रही कि बैठक में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर भी महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं, जिससे लाखों कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
कई मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी हुए शामिल
बैठक में व्यय विभाग, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), रेलवे, रक्षा, स्वास्थ्य मंत्रालय समेत कई सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस मंच का उपयोग लंबित मांगों को जोरदार तरीके से उठाने के लिए किया।
बताया जा रहा है कि इन मुद्दों को भविष्य में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का हिस्सा बनाए जाने की उम्मीद की जा रही है।
OPS को लेकर उठी बड़ी मांग
बैठक में पुरानी पेंशन योजना को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। कर्मचारी संगठनों ने मांग की कि जिन पदों की भर्ती प्रक्रिया 22 दिसंबर 2023 से पहले शुरू हुई थी, उन पर नियुक्त कर्मचारियों को OPS का लाभ दिया जाना चाहिए।
प्रतिनिधियों का कहना था कि अगर भर्ती प्रक्रिया में प्रशासनिक देरी हुई और कर्मचारियों की जॉइनिंग 2004 के बाद हुई, तो इसका नुकसान कर्मचारियों को नहीं उठाना चाहिए। रिपोर्ट्स के अनुसार, व्यय विभाग और पेंशन विभाग ने इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया है, जिससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अनुकंपा नियुक्ति पर भी OPS की मांग
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि जिन सरकारी कर्मचारियों की मृत्यु वर्ष 2003 या उससे पहले हुई थी और उनके आश्रितों ने तय समय सीमा से पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन कर दिया था, उन्हें भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवारों को OPS से वंचित करना उचित नहीं होगा।
क्या है Old Pension Scheme?
ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद निश्चित और आजीवन पेंशन की गारंटी देती है। इस योजना के तहत रिटायर कर्मचारी को उसकी अंतिम प्राप्त बेसिक सैलरी का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा पेंशन के रूप में मिलता है।
केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 से OPS को बंद कर नई पेंशन योजना (NPS) लागू कर दी थी। NPS और UPS जैसी योजनाओं में पेंशन की राशि निवेश और बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, जबकि OPS में निश्चित पेंशन का लाभ मिलता है।
8वें वेतन आयोग पर कर्मचारियों की नजर
अब केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर 8वें वेतन आयोग से जुड़े अगले कदमों पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में पेंशन, फिटमेंट फैक्टर, प्रमोशन और वेतन संरचना जैसे कई अहम मुद्दों पर बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।
