केंद्र सरकार के कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाली शीर्ष संस्था नेशनल काउंसिल (JCM) की स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग के लिए विस्तृत प्रस्ताव सरकार को सौंप दिए हैं। इस रिपोर्ट में कुल 59 अहम सुझाव शामिल हैं, जिनका सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन, भत्तों और सुविधाओं पर पड़ सकता है।
इन सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग की गई है, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा फायदा मिल सकता है।
₹69,000 न्यूनतम वेतन और 6% वार्षिक वृद्धि का प्रस्ताव
JCM की ओर से सबसे बड़ी मांग न्यूनतम बेसिक सैलरी को मौजूदा ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की है। इसके साथ ही 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का सुझाव दिया गया है।
इसके अलावा हर साल मूल वेतन पर 6% इंक्रीमेंट देने की सिफारिश की गई है, ताकि कर्मचारियों की आय महंगाई के अनुसार बढ़ती रहे।
OPS बहाली और पेंशन में बड़ा बदलाव
ड्राफ्ट में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग की गई है, खासकर उन कर्मचारियों के लिए जो 2004 के बाद सेवा में आए हैं।
साथ ही:
- पेंशन को अंतिम वेतन का 67% करने का सुझाव
- फैमिली पेंशन 50% तक बढ़ाने की मांग
- हर 5 साल में पेंशन रिवीजन
- पेंशन पर टैक्स खत्म करने की मांग
इन प्रस्तावों का मकसद रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करना है।
प्रमोशन, वेतन संरचना और नौकरी सुरक्षा
JCM ने कर्मचारियों के करियर ग्रोथ को आसान बनाने के लिए कई सुझाव दिए हैं:
- 30 साल की सेवा में कम से कम 5 प्रमोशन या अपग्रेड
- प्रमोशन के समय दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि
- पे लेवल्स को मर्ज करने का प्रस्ताव
- आउटसोर्सिंग पर रोक और खाली पदों को भरने की मांग
भत्तों और सुविधाओं में बड़ा इजाफा
रिपोर्ट में विभिन्न भत्तों को बढ़ाने और नई सुविधाएं जोड़ने की भी सिफारिश की गई है:
- HRA को 40%, 35% और 30% के स्लैब में बढ़ाने का सुझाव
- जोखिम भत्ता ₹10,000 प्रति माह
- सभी भत्तों को तीन गुना करने और DA से जोड़ने की मांग
- रात्रि ड्यूटी भत्ता वास्तविक बेसिक पर
लीव, हेल्थ और फैमिली बेनिफिट्स पर फोकस
कर्मचारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस को बेहतर बनाने के लिए कई अहम प्रस्ताव दिए गए हैं:
- मातृत्व अवकाश 240 दिन तक बढ़ाने का सुझाव
- पितृत्व अवकाश 45 दिन
- मासिक धर्म अवकाश का प्रावधान
- पैरेंट केयर लीव 60 दिन
साथ ही:
- सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए कैशलेस इलाज
- CGHS सुविधाओं का विस्तार हर जिले में
- हेल्थ अलाउंस (FMA) को ₹5000 प्रति माह करने का प्रस्ताव
बीमा, मुआवजा और अन्य बड़े प्रस्ताव
JCM ने कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए:
- ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर ₹2 करोड़ मुआवजा
- ग्रुप C के लिए ₹1 करोड़ और ग्रुप B के लिए ₹1.5 करोड़ बीमा
- ब्याज मुक्त लोन और वाहन/कंप्यूटर एडवांस
इसके अलावा LTC, बोनस, लीव एनकैशमेंट और ट्रांसफर पॉलिसी में भी बड़े बदलाव सुझाए गए हैं।
अंतिम फैसला सरकार के हाथ में
फिलहाल ये सभी सिफारिशें प्रस्ताव के रूप में सरकार के पास हैं। इन पर अंतिम निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया जाएगा।
हालांकि, JCM की सिफारिशें महत्वपूर्ण मानी जाती हैं क्योंकि यह सीधे तौर पर लाखों सरकारी कर्मचारियों की मांगों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
अगर इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो 2026 से कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
