केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर दिल्ली में तीन दिवसीय अहम बैठक शुरू हो चुकी है। इस दौरान आयोग की टीम कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी, भत्तों में बदलाव और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा करेगी।
किन मुद्दों पर हो रही है चर्चा?
इस बैठक में कई प्रमुख विषयों को एजेंडा बनाया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- बेसिक सैलरी में संभावित वृद्धि
- फिटमेंट फैक्टर का निर्धारण
- महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक में मर्ज करने पर विचार
- ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) समेत अन्य भत्तों की समीक्षा
18 महीने में रिपोर्ट देने का लक्ष्य
जनवरी में गठित 8वें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीने के भीतर पेश करनी हैं। इसी दिशा में आयोग ने जमीनी स्तर पर काम तेज कर दिया है और अलग-अलग राज्यों व कर्मचारी संगठनों के साथ लगातार बैठकें कर रहा है।
दिल्ली में चल रही यह बैठक 30 अप्रैल तक जारी रहेगी। इससे पहले उत्तराखंड में भी कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की जा चुकी है।
आगे कहां होगी बैठक?
दिल्ली के बाद आयोग की टीम मई महीने में पुणे और महाराष्ट्र के अन्य संगठनों के साथ बैठक करेगी। इसका उद्देश्य देशभर के कर्मचारियों से सुझाव लेकर एक संतुलित रिपोर्ट तैयार करना है।
न्यूनतम सैलरी ₹69,000 करने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी को बढ़ाने की मांग रखी है। फिलहाल यह ₹18,000 है, जिसे बढ़ाकर ₹69,000 करने का प्रस्ताव दिया गया है।
इसके साथ ही कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा भत्तों में भी सुधार की जरूरत है, ताकि महंगाई के अनुरूप लाभ मिल सके।
फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने की मांग
नेशनल काउंसिल (JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने का सुझाव दिया है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा संभव है।
फैमिली यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव
एक और महत्वपूर्ण मांग फैमिली यूनिट को लेकर है। अभी तक भत्तों की गणना 3 सदस्यों के आधार पर होती है, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 5 यूनिट करने की मांग की जा रही है। इससे कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ में वृद्धि हो सकती है।
निष्कर्ष
दिल्ली में चल रही 8वें वेतन आयोग की यह बैठक केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। सैलरी, फिटमेंट फैक्टर और भत्तों से जुड़े फैसले आने वाले समय में लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
