8th Pay Commission : सरकार की तरफ से आठवें वेतन आयोग को लेकर नया अपडेट जारी किया गया है जोकि कर्मचारियों तथा पेंशनर्स के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। आपको बता दे की निवेदन आयोग को लेकर पोर्टल ओपन हो गया है। आइए खबर में जानते है नए वेतन आयोग को लेकर सरकार की तरफ से उठाए गए इस कदम के बारे में विस्तार से।
केंद्र सरकार की तरफ से नए वेतन आयोग को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। अगर आप भी केंद्र सरकार के कर्मचारी तथा पेंशनर्स है तो आज की यह खबर आपके लिए बड़े ही काम ही है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर सुझाव (Suggestions on pension related issues) लेने का पोसेस शुरू कर दिया है। आयोग चाहता है कि कर्मचारी, पेंशनर, कर्मचारी संगठन और सरकारी विभाग अपने मांगों के आधार पर सुझाव दें, ताकि नई सिफारिशें बनाते समय उन्हें ध्यान में रखा ज सके।
आयोग (8th Pay Commission ) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार सुझाव भेजने के लिए ऑनलाइन पोर्टल 5 मार्च 2026 से खोल दिया गया है। जो लोग अपना सुझाव देना चाहते है वो 30 अप्रैल 2026 तक अपने सुझाव भेज सकते हैं। आयोग का मानना है कि जितने ज्यादा लोगों की भागीदारी होगी, उतनी ही बेहतर और व्यावहारिक सिफारिशें तैयार की जा सकेंगी।
सुझाव भेजने का पूरा प्रोसेस
आयोग की तरफ से जानकारी दी गई है कि इस प्रोसेस को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है। आयोग की तरफ से सुझाव देने के लिए दो आधिकारिक पोर्टल तय किए गए हैं।
आयोग ने साफ किया है कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी रखी गई है। सभी सुझाव केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए दो आधिकारिक पोर्टल तय किए गए हैं। कर्मचारी या संगठन अपनी बात 8cpc.gov.in और innovateindia.mygov.in पोर्टल के जरिए भेज सकते हैं। सुझाव भेजने के लिए सबसे पहले MyGov प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन करना होगा। लॉग-इन ई-मेल आईडी या मोबाइल नंबर के जरिए किया जा सकता है और यहां आप शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
किन लोगों को दिया गया है सुझाव देने का मौका
8वें वेतन आयोग के प्रोसेस (8th Pay Commission Process) पर काफी सही तरीके से चलाया जा रहा है। इसमें सिर्फ केंद्रीय कर्मचारियों (central employees) को ही नहीं, बल्कि कई दूसरे वर्गों को भी शामिल किया गया है। इसमें केंद्र सरकार के कर्मचारी, ऑल इंडिया सर्विसेज (IAS, IPS, IFS) के अधिकारी, रक्षा बलों के सदस्य, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी, सुप्रीम कोर्ट और कुछ हाई कोर्ट के कर्मचारी, नियामक संस्थाओं के कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी (retired employee) व उनके संगठन शामिल हैं। आयोग का मानना है कि इन सभी की भागीदारी से वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े अलसी मुद्दों (issues related to pension) को समझने में आसानी होगी।
बनाई गई चार श्रेणियां नए वेतन आयोग को लेकर बनाएं गए इस ऑनलाइन पोर्टल पर सुझाव देने चार अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई हैं।
इंडिविजुअल/एम्प्लॉयी/पेंशनर कैटेगरी जिसमें कोई भी कर्मचारी या पेंशनर अपनी व्यक्तिगत राय, समस्या या सुझाव दे सकता है।
एसोसिएशन/यूनियन कैटेगरी इसमें कर्मचारी संघ और यूनियन अपनी सामूहिक मांगें या प्रस्ताव दर्ज कर सकते हैं।
मंत्रालय/विभाग/केंद्र शासित प्रदेश कैटेगरी इस श्रेणी में मंत्रालय, विभाग और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारी आधिकारिक ई-मेल आईडी से सुझाव भेजेंगे।
इसके अलावा ज्यूडिशियल ऑफिसर्स के लिए भी अलग श्रेणी बनाई गई है।
इतने लोगों को होगा फायदा
8वां केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) देश के लाखों लोगों के वेतन और पेंशन को प्रभावित करेगा। अनुमान के मुताबिक इसकी सिफारिशों का असर लगभग 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 67 लाख पेंशनरों पर पड़ेगा।
यही वजह है कि आयोग रिपोर्ट तैयार करने से पहले सभी हितधारकों से सुझाव ले रहा है। इन सुझावों के आधार पर वेतन ढांचे, भत्तों और पेंशन व्यवस्था में बदलाव (Changes in pension system) की सिफारिशें की जा सकती हैं।
कर्मचारी संगठनो की मांगें
कर्मचारी संगठनो ने भी अपनी मांगें (demands of the workers’ union) आयोग के सामने रखना शुरू कर दिया है। AITUC ने 12 प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू करने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से शुरू करने और सालाना इंक्रीमेंट को 3% से ज्यादा करके कम से कम 6% करने की मांग शामिल की गइ है। साथ ही DA की गणना के लिए नया फॉर्मूला लागू (New formula implemented) करने की बात भी कही गई है।
इसके अलावा लीव एनकैशमेंट की सीमा 300 दिन से बढ़ाकर 450 दिन करने, कैशलेस मेडिकल सुविधा (cashless medical facility) देने, मासिक धर्म अवकाश, ज्यादा पितृत्व अवकाश और जोखिम भत्ते बढ़ाने की मांग (Demand for increase in risk allowance) भी की गई है। यूनियन ने सरकार से लगभग 15 लाख खाली पदों को नियमित भर्ती के जरिए भरने की अपील भी है।
