वैश्विक तनाव के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है। मंगलवार को MCX पर सोने का वायदा भाव करीब ₹350 टूटकर ₹1,49,625 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत में भी तेज गिरावट देखी गई और यह शुरुआती कारोबार में लगभग ₹1,600 फिसलकर ₹2,31,800 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुझान देखने को मिला। सिंगापुर ट्रेडिंग के दौरान सोना करीब 0.5% गिरकर 4,627 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि कारोबार के दौरान यह 4,620 डॉलर तक भी पहुंचा। पिछले दो सत्रों में सोना पहले ही 2% से अधिक कमजोर हो चुका है। चांदी भी पीछे नहीं रही और करीब 1.2% गिरकर 71.96 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
1. अमेरिका-ईरान तनाव और ट्रंप का अल्टीमेटम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई चेतावनी ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। तय समयसीमा तक समझौता न होने पर सैन्य कार्रवाई की आशंका से निवेशकों में बेचैनी है। इससे महंगाई और ईंधन संकट की चिंता बढ़ी है, जिसका असर कीमती धातुओं पर पड़ा है।
2. ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते केंद्रीय बैंक अपनी नीतियों में सख्ती बरत सकते हैं। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में हल्की मजबूती आई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रख सकता है। चूंकि सोने पर ब्याज नहीं मिलता, इसलिए उच्च दरों के माहौल में इसकी मांग कमजोर पड़ती है।
3. तेल और सोने का बदलता समीकरण
आमतौर पर सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा हालात में यह दबाव में है। फरवरी के बाद से सोने की कीमतों में करीब 12% तक गिरावट आ चुकी है। दूसरी ओर, कच्चे तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे सोना और तेल के बीच उलटा ट्रेंड देखने को मिल रहा है।
4. अमेरिकी इकोनॉमिक डेटा का असर
अमेरिका के सर्विस सेक्टर की ग्रोथ में सुस्ती आई है और रोजगार के आंकड़ों में भी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, इनपुट कॉस्ट बढ़ने से महंगाई का दबाव बना हुआ है। इन संकेतों का असर भी गोल्ड-सिल्वर की कीमतों पर पड़ रहा है।
गिरावट के बीच निवेश का मौका?
हालांकि कीमतों में गिरावट जारी है, लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी (डिप-बाइंग) के संकेत भी मिल रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, गोल्ड-ETF में पिछले सप्ताह निवेश बढ़ा है, जो इस ट्रेंड में बदलाव का संकेत दे सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार में फिलहाल अस्थिरता बनी हुई है, इसलिए जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए। बेहतर होगा कि निवेशक वैश्विक संकेतों, ब्याज दरों और कमोडिटी ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए ही फैसला लें।
कुल मिलाकर, सोना-चांदी फिलहाल दबाव में हैं, लेकिन लंबे समय के निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर भी साबित हो सकती है।
