भारत सरकार ने बढ़ते गोल्ड इंपोर्ट पर नियंत्रण लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने सोने पर लगने वाली कुल इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। नई दरें 13 मई से लागू हो चुकी हैं। इस फैसले का असर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
फाइनेंस मिनिस्ट्री द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, गोल्ड पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) को 5% से बढ़ाकर 10% कर दिया गया है। वहीं Agriculture Infrastructure and Development Cess (AIDC) भी 1% से बढ़ाकर 5% कर दिया गया है। दोनों टैक्स मिलाकर अब सोने पर कुल इंपोर्ट ड्यूटी 15% हो गई है।
पहले सरकार ने घटाई थी ड्यूटी
दरअसल, जुलाई 2024 के बजट में सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को 15% से घटाकर 6% कर दिया था। उस समय बेसिक कस्टम ड्यूटी 10% से घटाकर 5% और AIDC को 5% से घटाकर 1% किया गया था।
सरकार के उस फैसले के बाद देश में गोल्ड इंपोर्ट तेजी से बढ़ा। ज्वेलरी इंडस्ट्री को राहत मिली और ग्राहकों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो गया था। लेकिन लगातार बढ़ते इंपोर्ट और ट्रेड डेफिसिट की चिंता के चलते सरकार ने फिर से ड्यूटी बढ़ाने का फैसला लिया है।
किन प्रोडक्ट्स पर बढ़ा टैक्स?
फाइनेंस मिनिस्ट्री ने नोटिफिकेशन नंबर 16/2026-कस्टम्स के जरिए कई कीमती धातुओं और उनसे जुड़े प्रोडक्ट्स पर भी नई ड्यूटी लागू की है।
नई व्यवस्था के तहत:
- गोल्ड और सिल्वर फाइंडिंग्स पर 5% कस्टम ड्यूटी लगेगी
- प्लैटिनम फाइंडिंग्स पर 5.4% ड्यूटी लागू होगी
- कीमती धातु वाली राख और स्पेंट कैटलिस्ट के इंपोर्ट पर 4.35% की रियायती ड्यूटी लगेगी, हालांकि इसके लिए रीसाइक्लिंग और कंप्लायंस से जुड़ी मंजूरी जरूरी होगी
सरकार के मुताबिक ये बदलाव सोना, चांदी, प्लैटिनम फाइंडिंग्स, प्रेशियस मेटल ऐश और स्पेंट कैटलिस्ट पर लागू होंगे।
सरकार ने क्यों बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी?
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बुलियन इंपोर्ट में तेजी के कारण भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट पर दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही रुपये में कमजोरी भी चिंता का कारण बनी हुई है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर और चांदी का सबसे बड़ा इंपोर्टर है। देश अपनी घरेलू मांग पूरी करने के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी सप्लाई पर निर्भर रहता है। ऐसे में ज्यादा इंपोर्ट से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में भारत का गोल्ड इंपोर्ट बढ़कर करीब 58.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि सिल्वर इंपोर्ट में 44% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जनवरी 2026 में अकेले गोल्ड इंपोर्ट लगभग 12 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, जिससे ट्रेड डेफिसिट भी बढ़ गया।
सोने की कीमतों पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद घरेलू बाजार में सोना और चांदी महंगे हो सकते हैं। इसका असर ज्वेलरी कारोबार और ग्राहकों की खरीदारी पर भी देखने को मिल सकता है, खासकर शादी और त्योहारों के सीजन में।
